Lucknow : पुलिस की बड़ी कार्रवाई, मृतक को जिंदा दिखाकर जमीन बेचने वाला पकड़ा गया शातिर गिरोह, इस तरह खुली पोल

Mohanlalganj, Lucknow : मृत व्यक्ति के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर उसकी जमीन बेचने वाले एक शातिर संगठित गिरोह का मोहनलालगंज पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले में तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार करते हुए धोखाधड़ी से अर्जित धन से खरीदे गए एक एसी और एलईडी टीवी भी बरामद किए हैं। गिरफ्तार अभियुक्तों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
प्रकरण थाना मोहनलालगंज क्षेत्र के ग्राम उदयपुर निगोहा स्थित कृषि भूमि से जुड़ा है। इस संबंध में मृतक अवधराज सिंह की पत्नी विमला सिंह ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी।

उन्होंने आरोप लगाया था कि उनके दिवंगत पति की भूमि को कूटरचित दस्तावेजों के सहारे बेच दिया गया है।पुलिस जांच में सामने आया कि ग्राम उदयपुर निगोहा स्थित गाटा संख्या 296, रकबा 0.449 हेक्टेयर भूमि राजस्व अभिलेखों में आशालता वर्मा एवं स्वर्गीय अवधराज सिंह के नाम सह-खातेदार के रूप में दर्ज थी। अवधराज सिंह की मृत्यु 16 फरवरी 2023 को हो चुकी थी, इसके बावजूद अभियुक्तों ने एक व्यक्ति को मृतक बनाकर उपनिबंधक कार्यालय में प्रस्तुत किया और भूमि का फर्जी बैनामा करा लिया।विवेचना में खुलासा हुआ कि अभियुक्त राजकुमार पुत्र मिश्रीलाल, ज्ञानेन्द्र राजपूत पुत्र गया.  प्रसाद एवं कमल यादव पुत्र श्रीकेशन ने सुनियोजित षड्यंत्र के तहत मृतक के नाम से फर्जी आधार कार्ड, फोटो एवं अन्य दस्तावेज तैयार किए। इन कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर 18 जुलाई 2024 को लगभग 17 बिस्वा भूमि का बैनामा उपनिबंधक कार्यालय मोहनलालगंज में कराया गया

। बैनामा के समय भूपेन्द्र नाथ के नाम से एक अन्य फर्जी व्यक्ति को गवाह भी बनाया गया।जांच के दौरान यह भी सामने आया कि अभियुक्तों ने मृतक अवधराज सिंह के नाम से बैंक ऑफ महाराष्ट्र की कल्ली पश्चिम शाखा में फर्जी आधार कार्ड के सहारे बैंक खाता खुलवाया, जिसमें भूमि क्रेता से प्राप्त धनराशि जमा कराई गई। इस मामले में भूमि क्रेता हेतराम पाल पुत्र रामचन्द्र, निवासी शारदा नगर, आशियाना, लखनऊ स्वयं ठगी के शिकार निकले, जिन्होंने भूमि खरीद के लिए कुल 7 लाख 20 हजार रुपये चेक व नकद के माध्यम से दिए थे।पुलिस के अनुसार फर्जी बैंक खाते से 29 जुलाई 2024 को नारायन इलेक्ट्रॉनिक्स के नाम 45,500 रुपये का ऑनलाइन भुगतान किया गया, जिससे 1.5 टन का एसी और 32 इंच की एलईडी टीवी खरीदी गई।

दुकानदार द्वारा इस लेन-देन की पुष्टि भी की गई है।मोहनलालगंज पुलिस ने शनिवार को अभियुक्त राजकुमार को बेलहिया खेड़ा से एसी और एलईडी टीवी के साथ गिरफ्तार किया। इसके बाद 18 जनवरी 2026 को अभियुक्त ज्ञानेन्द्र राजपूत को अतरौली क्रॉसिंग थाना मोहनलालगंज से तथा सर्वेश को रायसिंह खेड़ा थाना क्षेत्र बिजनौर से गिरफ्तार किया गया।पुलिस अन्य फरार अभियुक्तों, फर्जी विक्रेताओं तथा फर्जी बैंक खातों से जुड़े लोगों की तलाश में जुटी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहन जांच जारी है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।

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