लखनऊ : मोहनलालगंज तहसील में वकीलों का हल्ला बोल, भ्रष्टाचार के खिलाफ खोला मोर्चा

मोहनलालगंज, लखनऊ : राजधानी के मोहनलालगंज तहसील में शनिवार को ‘सम्पूर्ण समाधान दिवस’ के दौरान उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब भारी संख्या में वकीलों ने प्रशासनिक शिथिलता और व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। मोहनलालगंज बार एसोसिएशन के बैनर तले अधिवक्ताओं ने उपजिलाधिकारी को सात सूत्रीय मांग पत्र सौंपते हुए न्यायिक कार्य ठप करने की चेतावनी दी।

भ्रष्टाचार और दलाली के गंभीर आरोप

बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कौशलेन्द्र शुक्ला और महामंत्री राम लखन यादव ने तहसील प्रशासन पर तीखा हमला बोला। वकीलों का आरोप है कि उपजिलाधिकारी कार्यालय में दलालों के माध्यम से पत्रावलियों का मनमाना निस्तारण किया जा रहा है। बहस पूरी होने के बावजूद महीनों तक अदालती आदेश पारित नहीं होते और अविवादित वरासत जैसे सरल मामले भी लंबित पड़े हैं।

लेखपालों की कार्यशैली से आक्रोश

ज्ञापन में लेखपालों की मनमानी को लेकर विशेष नाराजगी जताई गई है। अधिवक्ताओं के अनुसार, लेखपाल समय पर रिपोर्ट नहीं लगाते हैं और विरोध करने पर अभद्रता पर उतर आते हैं। बार ने मांग की है कि नई महिला लेखपालों को सीधे प्रभार देने के बजाय वरिष्ठ लेखपालों के साथ प्रशिक्षण दिया जाए।

प्रमुख मांगें और चेतावनी

वकीलों ने तहसील परिसर में व्याप्त गंदगी, उप-निबंधक कार्यालय के अनुचित स्थानांतरण और न्यायालयी आदेशों के अनुपालन में हो रही देरी को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया।

“तहसील की इस जर्जर व्यवस्था में हम अपने मुवक्किलों के प्रति जवाबदेही निभाने में असहाय महसूस कर रहे हैं। यदि समस्याओं का शत-प्रतिशत समाधान नहीं हुआ, तो अधिवक्ता उग्र आंदोलन को मजबूर होंगे।”
राम लखन यादव, महामंत्री

प्रदर्शन के कारण समाधान दिवस की कार्यवाही काफी देर तक प्रभावित रही। अब देखना यह है कि तहसील प्रशासन इन गंभीर आरोपों पर क्या सुधारात्मक कदम उठाता है।

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