
- पीड़िता के मृतक पति लॉकर को करते थे ऑपरेट
- पति ने 2019 में निजी बैंक से लिया था गोल्ड लोन
Lucknow : अलीगंज स्थित एसबीआई कपूरथला शाखा के बैंक लॉकर से 1.5 करोड़ रुपये के जेवर चोरी होने के मामले में एक नया मोड़ सामने आया है। बताया जा रहा है कि पीड़िता के मृतक पति एसबीआई शाखा के बैंक लॉकर को ऑपरेट करते थे, जबकि लॉकर पति-पत्नी दोनों के संयुक्त नाम से था। पीड़िता के पति की मृत्यु हो चुकी है।
चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि पीड़िता के मृतक पति ने वर्ष 2019 में एक निजी बैंक से गोल्ड लोन लिया था। गोल्ड लोन न चुकाने की स्थिति में बैंक द्वारा सेटलमेंट किए जाने की भी बात सामने आ रही है। इस मामले में लॉकर होल्डर बबिता सिन्हा ने बैंक कर्मियों पर आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई है।
प्रियदर्शिनी कॉलोनी स्थित सोपान एन्क्लेव निवासी बबिता सिन्हा ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) कपूरथला शाखा के लॉकर से 1.5 करोड़ रुपये कीमत के जेवर चोरी होने की शिकायत बुधवार को अलीगंज थाने में दर्ज कराई थी। बबिता सिन्हा के पति, कारोबारी राजेश सिन्हा की मौत के बाद उन्हें पता चला कि एसबीआई कपूरथला शाखा में उनका एक लॉकर है, जिसमें करीब डेढ़ करोड़ रुपये के जेवर रखे थे।
12 जनवरी को जब उन्होंने लॉकर चेक किया तो जेवर गायब थे। उन्होंने इसकी जानकारी बैंक अधिकारियों को दी। छानबीन की गई, लेकिन जेवर के संबंध में कोई सुराग नहीं लग सका। बबिता सिन्हा का कहना है कि लॉकर से सोने के पांच सेट, छह सोने के कड़े, तीन जोड़ी झुमकियां, तीन चेन, तीन गिन्नी, दो नथ और चांदी की दो जोड़ी पायल चोरी हुई हैं।
एसीपी अलीगंज ने बताया कि बबिता सिन्हा की तहरीर पर अज्ञात बैंक कर्मियों के खिलाफ चोरी का मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच की जा रही है। लॉकर में बाहर से किसी तरह के नुकसान के निशान नहीं मिले हैं। जांच के लिए एक विशेष टीम गठित की गई है।
लॉकर से जेवर कब और कैसे चोरी हुए, इस संबंध में फिलहाल कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आ सकी है। वहीं यह भी बताया जा रहा है कि मृतक पति के सिबिल स्कोर की जांच में वर्ष 2019 में लिए गए गोल्ड लोन का पता चला है, जिसके बारे में संभवतः बबिता सिन्हा को अब तक जानकारी नहीं थी।










