
Lucknow : किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) के परिसर में बनी सभी अवैध मजारें हटायी जायेंगी। इसके लिए केजीएमयू प्रशासन जल्द ही कार्यवायी शुरू करेगा। केजीएमयू के प्रवक्ता डा.के.के.सिंह ने कहा कि कई मजारें हटायी जा चुकी हैं। जो बची हैं नियमानुसार कार्यवायी कर उन्हें भी हटाया जायेगा। केजीएमयू के नेत्र रोग के पीछे बनी मजार को एक किनारे शिफ्ट किया जायेगा। ताकि खाली जमीन पर निर्माण कार्य कराया जा सके।
केजीएमयू के इन स्थानों पर हैं मजार

केजीएमयू के नेत्र रोग विभाग के पीछे 20 हजार स्क्वायर फिट की एरिया में मजार है। अप्रैल 2025 में अतिक्रमण हटाने गयी टीम पर हमला हो गया था। पुलिस ने यहां पर बनी दुकानों को तो गिरा दिया था लेकिन मजार अभी भी है। वहीं केजीएमयू के ट्रामा सेन्टर के बगल में दाहिनी ओर एक मजार बनी है। इसके अलावा क्वीनमेरी परिसर में पीर ए मुर्शिद हाजी हरमैन शाह की मजार है। यह मजार क्वीनमेरी के गेट के दाहिनी ओर बनी है। इस मजार का पूरा परिसर काफी बड़ा है। यहां उर्स का भी आयोजन भी इतेजामिया कमेटी की ओर से होता है।
इसी तरह न्ये ओपीडी बिल्डिंग और न्यू डेंटल बिल्डिंग के बीच में दरगाह हजरत मख्दूमशाह मीना शाह की मजार है। इस मजार के परिसर में दुकानें भी लगती हैं। अंदर का परिसर भी संवेदनशील है। वहीं डालीगंज स्थित केजीएमयू की आरएलसी बिल्डिंग के पास भी मजार बनी है। इस मजार को हटाने के लिए भी एक बार प्रशासन की टीम आयी थी लेकिन केजीएमयू प्रशासन के लचर रवैये के कारण मजार हटी नहीं। इसी तरह केजीएमयू के पल्मोनरी क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग के ओपीडी बिल्डिंग के पास एक मजार है।

विहिप ने उठाई थी मजार हटाने की मांग
केजीएमयू में लव जिहाद का प्रकरण सामने आने के बाद विश्व हिन्दू परिषद ने केजीएमयू परिसर मेें बनी अवैध मजारों को हटाने की मांग की थी। लव जिहाद प्रकरण में डा.रमीज जेल जा चुका है। प्रान्त संगठन मंत्री ने कहा कि केजीएमयू के लव जिहाद के विषय को सबसे पहले विहिप ने उजागर किया एवं कार्यवाही की। आने वाले समय में विहिप शासन प्रशासन के सहयोग से इन मजारों को भी हटवाने का काम करेगा।












