
Lucknow : लखनऊ के विभूतिखंड थाने में काकोरी पुलिस के दो एसआई और एक कांस्टेबल के खिलाफ दर्ज एफआईआर को लेकर उच्चस्तरीय जांच शुरू हो गई है। इस मामले में हाईकोर्ट के एक अधिवक्ता की तहरीर पर दर्ज शिकायत के आधार पर दरोगा उस्मान खान, दरोगा लाखन सिंह और कांस्टेबल पुष्पेंद्र सिंह के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
मामला तब सामने आया, जब उच्च अधिकारियों ने उच्च न्यायालय में बिना अनुमति प्रवेश कर अधिवक्ता के चैम्बर में उसके क्लाइंट को पकड़ने का प्रयास करने का आरोप सुना। शिकायत में कहा गया है कि इन पुलिस कर्मियों ने वकील के कार्यालय में घुसकर अवैध तरीके से दबिश देने का प्रयास किया, जो न्यायिक प्रक्रिया का उल्लंघन है।
अधिकारियों ने इस मामले का गंभीरता से संज्ञान लेते हुए तीनों पुलिस कर्मियों को तत्काल निलंबित कर दिया है। साथ ही, इस विवाद में वकीलों की जीत को देखते हुए, उच्चाधिकारियों ने आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
ये घटना वकीलों और पुलिस के बीच टकराव का रूप ले चुकी है, जिसमें वकीलों की ओर से न्यायपालिका की गरिमा की रक्षा के लिए कदम उठाए गए हैं। इस पूरे प्रकरण ने यह स्पष्ट कर दिया है कि कानून का सम्मान और न्यायपालिका की स्वतंत्रता सर्वोपरि है।
मामले की जांच जारी है और उच्च अधिकारियों के निर्देशानुसार दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने फिर से यह साबित कर दिया है कि न्यायपालिका और विधि व्यवस्था के बीच समर्पित और सम्मानित संबंध कायम रहना चाहिए, ताकि समाज में कानून का शासन मजबूत बना रहे।











