
Lucknow : लखनऊ में दोनों आंखों से अंधी विधवा महिला को न्याय नहीं मिल रहा है। देवर के साथ तहसील दिवस में शिकायत लेकर पहुंची इस अंधी दलित वृद्ध महिला का दर्द सुनने वाला कोई नहीं है।
भूमिहीनता के कारण मिला था पट्टा
2004 में सरकार ने इस महिला को भूमिहीन होने के कारण 5 बीघा जमीन का पट्टा दिया था। हालांकि, अब उसकी जमीन का मुआवजा और न्याय की उम्मीद जगी थी, लेकिन अब तक उसे पूरा मुआवजा नहीं मिल सका है।

महिला की जमीन आगरा एक्सप्रेसवे के निर्माण के दौरान गई थी, लेकिन उस जमीन का पूरा मुआवजा नहीं मिल पाया है। विभागों के चक्कर काटने के बाद भी उसकी समस्या का समाधान नहीं हो पाया है।
महिला ने अब तक कई विभागों के चक्कर काटे हैं, लेकिन कोई भी उसकी मदद के लिए आगे नहीं आया है। उसके आश्रितों ने कहा कि वह न्याय के लिए दर-दर भटक रही है।
इस संबंध में उप जिलाधिकारी सदर मनोज कुमार सिंह ने महिला को मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि महिला की समस्या को गंभीरता से लिया जाएगा और जल्द से जल्द न्याय का प्रबंध किया जाएगा।
यह महिला बड़ा गांव काकोरी की रहने वाली है। उसकी कहानी समाज में नारी शक्ति और विधवाओं की स्थिति को उजागर करती है, जो न्याय की आस में अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रही है।
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