
KGMU Love Jihad Case : लखनऊ में किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) की तरफ से बनाई गई फैक्ट फाइंडिंग कमिटी की बैठक में एक बड़ा खुलासा हुआ है। रिपोर्ट में बताया गया है कि आरोपी डॉक्टर रिजवान कई लड़कियों के संपर्क में था और उन्हें इमोशनल ब्लैकमेल करता था।
इस मामले में जेल में बंद आरोपी रमीज की मुश्किलें और भी बढ़ने वाली हैं, क्योंकि जांच में यह बात साफ हुई है कि वह भी लड़कियों को फंसाने और ब्लैकमेल करने में संलिप्त था।
सूत्रों के अनुसार, KGMU की बैठक में सभी अधिकारी इस बात पर सहमत थे कि डॉक्टर रिजवान गलत था। वह लगभग 15 लड़कियों के संपर्क में था और संदिग्ध लोगों से कैंपस में मिलते भी पाया गया है। बैठक में यह भी चर्चा हुई कि रमीज को करीब 20 महीने पहले KGMU में भर्ती किया गया था। इसी दौरान उसने एक हिंदू लड़की को प्यार के जाल में फंसाया और उसकी शादी कर ली, वह भी कैंपस में ही।
आरोपी डॉक्टर ने शादी में किसी फैकल्टी को नहीं बुलाया
आरोपी डॉक्टर रमीज ने अपनी शादी में किसी फैकल्टी या डॉक्टर को नहीं बुलाया। उसने यह भी छिपाया कि वह शादीशुदा है, जिससे पीड़ित रेसिडेंट डॉक्टरों को जानकारी नहीं हो पाई। सूत्रों का कहना है कि रमीज आगरा, अलीगढ़ और अन्य जिलों की लड़कियों के संपर्क में था। इसके अलावा, यह भी पता चला है कि उसके सीनियर डॉक्टरों को पहले ही एहसास हो चुका था कि वह गलत रास्ते पर था, लेकिन किसी ने कार्रवाई नहीं की।
जानकारी के अनुसार, रमीज का संपर्क आतंकी डॉक्टर शाहीन के साथ था। रिपोर्ट में कहा गया है कि उसने कई बार शाहीन से कैंपस में मुलाकात की थी। शाहीन को फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल की आरोपी माना जाता है, और वह भी आतंकवादी गतिविधियों में संलिप्त थी।
सूत्रों का यह भी दावा है कि शाहीन ने कैंपस में अपने आतंकवादी एजेंडे को मजबूत किया और रमीज भी उसके संपर्क में था।
जिहाद का आरोप और आगे की जांच
सूत्रों के मुताबिक, KGMU में जिहाद का एजेंडा चलाया जा रहा था। इस मामले में अभी तक केवल एक गिरफ्तारी हुई है, लेकिन जांच एजेंसियां आगे और भी गिरफ्तारियों की तैयारी कर रही हैं। शुरुआती तथ्यों से पता चलता है कि डॉक्टर रिजवान केवल एक मोहरा है, जबकि इस पूरे धर्मांतरण गैंग की सरगना और मास्टरमाइंड कोई और हो सकती है।












