तेंदुए का आतंक जारी : दो दिन में सात लोग घायल, महिला पर हमला, बकरे को बनाया शिकार

लखीमपुर खीरी। घाघरा और शारदा नदियों के बीच बसा जिले का तराई क्षेत्र इन दिनों हिंसक वन्यजीवों के लिए सुरक्षित पनाहगाह बनता जा रहा है। पलिया, निघासन और धौरहरा तहसीलों के बीच फैला यह इलाका, विशेषकर धौरहरा वन रेंज अंतर्गत क्षेत्र, करीब दो दर्जन से अधिक हिंसक जंगली जानवरों का स्थायी ठिकाना बन चुका है। घनी खेती, नदी कछार और सुनसान इलाके इन जानवरों के लिए अनुकूल साबित हो रहे हैं, जबकि आमजन भय के साये में जीवन जीने को मजबूर हैं। तेंदुए का आतंक क्षेत्र में लगातार बढ़ता जा रहा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार बुधवार को दिलावलपुर और समैसा गांव में तेंदुए ने आतंक मचाते हुए आधा दर्जन ग्रामीणों पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई थी। लोग घरों से निकलने में भी डरने लगे थे।

इसी क्रम में गुरुवार की शाम दरिगापुर गांव में तेंदुए ने एक बार फिर हमला कर दिया। तेंदुए ने खेत के पास मौजूद महिला आशिमा पत्नी सलीम पर हमला कर उसे घायल कर दिया, साथ ही उसके एक बकरे को भी मौत के घाट उतार दिया। महिला के चीख-पुकार मचाने पर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे, तब जाकर तेंदुआ खेतों की ओर भाग निकला।

ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए घायल महिला को उपचार के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया और घटना की सूचना वन विभाग को दी। हालांकि सूचना के बाद भी वन विभाग की कार्रवाई सीमित नजर आई। तराई क्षेत्र में गन्ना, केला, गेहूं, धान, उड़द, मसूर और सब्जियों की भरपूर खेती होती है। इसके साथ ही नदियों का कछार, बहते नाले और ऊंची फसलें तेंदुओं जैसे हिंसक जानवरों के लिए छिपने और शिकार करने का आदर्श वातावरण उपलब्ध करा रही हैं। यही वजह है कि जंगलों से निकलकर ये जानवर अब आबादी वाले इलाकों में लगातार दिखाई दे रहे हैं।

हिंसक वन्यजीवों के हमलों में कभी-कभी ग्रामीणों को अपनी जान तक गंवानी पड़ती है। इसके बावजूद प्रशासनिक तंत्र की भूमिका अधिकतर मुआवजा देकर मामले को निपटाने तक सीमित रह जाती है। वन विभाग द्वारा पिंजरा लगाने और औपचारिक गश्त के अलावा कोई ठोस व स्थायी रणनीति नजर नहीं आ रही है।

ग्रामीणों ने वन विभाग और प्रशासन से तेंदुए की शीघ्र पकड़, क्षेत्र में लगातार गश्त और स्थायी समाधान की मांग की है, ताकि लोगों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। फिलहाल तराई क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है और ग्रामीण हर पल अनहोनी की आशंका में जी रहे हैं।

वही वन रेंज धौरहरा का कहना है नजर रखी जा रही है पिंजड़े लगे है जल्द ही हिंसक जानवर पकड़े जाएंगे, ग्रामीणों से सतर्क रहने को कहा गया है।

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