
पाकिस्तान के सिंध प्रांत से एक बार फिर हिंदू अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यहां एक 23 वर्षीय हिंदू युवक कैलाश कोहली की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल रहा और हिंदू समुदाय में भारी आक्रोश देखने को मिला।
जानकारी के मुताबिक, बादिन जिले के तलहार गांव में 4 जनवरी को कैलाश कोहली को उसके जमींदार सरफराज निजामानी ने कथित तौर पर गोली मार दी थी। बताया जा रहा है कि कैलाश अपनी रोज़ी-रोटी के लिए जिस जमीन पर काम करता था, वहां शेल्टर बनाने को लेकर जमींदार से उसका विवाद हुआ था। आरोप है कि निजामानी इस बात से नाराज़ था और इसी वजह से उसने कैलाश पर फायरिंग कर दी। गंभीर रूप से घायल कैलाश को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
SSP बादिन कमर रज़ा जस्कानी ने बताया कि घटना के बाद आरोपी फरार हो गया था। उसकी तलाश के लिए एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने शनिवार रात हैदराबाद के फतेह चौक इलाके से सरफराज निजामानी और उसके साथी जफरुल्लाह खान को गिरफ्तार कर लिया।
इस हत्या के बाद सिंध के विभिन्न इलाकों में हिंदू समुदाय के लोगों ने बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किए। प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की। कैलाश के भाई पून कुमार कोहली ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कराई थी, जिसके आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की।
सिंध में हिंदू अल्पसंख्यकों के लिए काम करने वाले वेलफेयर ट्रस्ट से जुड़े शिव काची ने कहा कि आरोपी की गिरफ्तारी हिंदू समुदाय के लगातार शांतिपूर्ण प्रदर्शनों और बढ़ते जनदबाव का नतीजा है। उन्होंने बताया कि बादिन में सैकड़ों लोगों ने धरना और प्रदर्शन किया, जो तब जाकर समाप्त हुआ जब सिंध के आईजी पुलिस जावेद अख्तर ओधो ने पीड़ित के पिता से फोन पर बात कर गिरफ्तारी की जानकारी दी।
शिव काची ने निष्पक्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया की उम्मीद जताते हुए कहा कि इस तरह के मामलों में सख्त कार्रवाई जरूरी है, ताकि हिंदू अल्पसंख्यक खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें और प्रशासन पर उनका भरोसा बना रहे।















