Land For Job Scam Case : बुरे फंसे लालू यादव, लैंड फॉर जॉब केस में आरोप तय; कोर्ट ने कहा- ‘फैमिली क्रिमिनल सिंडिकेड है’

Lalu Yadav Land For Job Scam Case : लैंड फॉर जॉब मामले में लालू यादव परिवार को बड़ा झटका लगा है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने आज यानी शुक्रवार को अहम फैसला सुनाया है। इस फैसले के साथ ही लालू यादव, राबड़ी देवी, मीसा भारती समेत कुल 41 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया गया है। कोर्ट ने 52 आरोपियों को आरोपमुक्त कर दिया है। इस मामले की सुनवाई के दौरान पांच आरोपियों की मृत्यु हो चुकी है।

लैंड फॉर जॉब मामले में लालू यादव पर आरोप तय

यह मामला पूर्व रेल मंत्री और राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव समेत उनके परिवार के सदस्यों और कई अन्य आरोपियों के खिलाफ है, जिन पर आरोप है कि उन्होंने कथित तौर पर आपराधिक साजिश रचकर जमीन के बदले रेलवे में नौकरी दी गई। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि लालू यादव और उनके परिवार ने क्रिमिनल सिंडिकेड की तरह काम किया।

लालू यादव पर पद का दुरुपयोग करने का आरोप

अदालत ने कहा कि आरोप है कि लालू यादव ने अपने पद का दुरुपयोग कर अपने परिवार के सदस्यों के नाम पर अचल संपत्तियां जुटाईं। साथ ही, यह भी पाया गया कि इस पूरे मामले में अन्य आरोपियों ने भी आपराधिक षड्यंत्र में सक्रिय भूमिका निभाई। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि रेलवे में नौकरियों के बदले जमीन की लेनदेन प्रणाली चल रही थी, जिसमें कई लोगों को रेलवे में नौकरी दी गई और बदले में उनके या उनके परिजनों की जमीन ली गई।

52 आरोपियों के खिलाफ नहीं मिले सबूत

अदालत ने अपने आदेश में कहा कि इस पूरे प्रकरण में लालू परिवार ने क्रिमिनल सिंडिकेड की तरह काम किया। कोर्ट ने यह भी कहा कि प्रथम दृष्टया यह प्रतीत होता है कि लालू प्रसाद यादव और उनका परिवार आपराधिक षड्यंत्र का हिस्सा थे, जबकि अन्य आरोपियों ने इसमें मदद की। जिन 52 आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं पाए गए, उन्हें अदालत ने आरोपमुक्त कर दिया।

अदालत ने कहा कि इस मामले में आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धाराएं 420 (धोखाधड़ी), 120 बी (आपराधिक साजिश) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराएं 13(1)(डी), 13(2) के तहत आरोप तय किए गए हैं। यह मामला उस समय का है जब लालू यादव केंद्र में रेल मंत्री थे, और आरोप है कि उनके कार्यकाल में नियुक्तियों के बदले जमीन ली गई।

29 जनवरी को होगी अगली सुनवाई

अगली सुनवाई 29 जनवरी को होगी, जिसमें इस मामले की विस्तृत जांच और ट्रायल शुरू किया जाएगा। अदालत ने इस फैसले के साथ ही कहा कि आरोपियों पर आरोप लगाने और मामले की पूरी जांच की प्रक्रिया जारी रहेगी।

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