
Lakhimpur Kheri : तहसील पलिया के उप जिलाधिकारी द्वारा पलिया बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सहित अन्य अधिवक्ताओं के विरुद्ध कथित रूप से दर्ज कराई गई फर्जी प्रथम सूचना रिपोर्ट को लेकर अधिवक्ताओं में गहरा रोष व्याप्त है। इसी क्रम में सोमवार को सेन्ट्रल बार एसोसिएशन गोला, जिला लखीमपुर खीरी की एक आवश्यक बैठक आहूत की गई, जिसमें पलिया की घटना पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में उपस्थित अधिवक्ताओं ने एक स्वर में पलिया के उप जिलाधिकारी की कार्रवाई की निंदा करते हुए इसे अधिवक्ता समुदाय के सम्मान पर आघात बताया। अधिवक्ताओं का कहना था कि तहसील पलिया के उप जिलाधिकारी द्वारा पलिया बार अध्यक्ष प्रदीप कुमार मेनरो एवं अन्य अधिवक्ताओं के खिलाफ रंजिशन और दुर्भावनापूर्ण तरीके से फर्जी मुकदमा दर्ज कराया गया है, जो अत्यंत निंदनीय है।
बैठक के पश्चात सर्वसम्मति से चार प्रस्ताव पारित किए गए। पहले प्रस्ताव में मांग की गई कि पलिया तहसील बार अध्यक्ष एवं अन्य अधिवक्ताओं के विरुद्ध दर्ज कराई गई फर्जी एफआईआर को तत्काल प्रभाव से स्पंज किया जाए। दूसरे प्रस्ताव में पलिया बार अध्यक्ष की तहरीर के आधार पर दोषी उप जिलाधिकारी पलिया एवं अन्य संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में तत्काल एफआईआर दर्ज कराने की मांग की गई।
तीसरे प्रस्ताव में चेतावनी दी गई कि यदि अधिवक्ताओं के विरुद्ध दर्ज की गई फर्जी एफआईआर को शीघ्र स्पंज नहीं किया गया, तो अधिवक्तागण उग्र विरोध प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। वहीं चौथे प्रस्ताव के तहत उक्त घटना के विरोध में सेन्ट्रल बार एसोसिएशन गोला के समस्त अधिवक्ता सोमवार को सामूहिक अवकाश पर रहे।
इस संबंध में सेन्ट्रल बार एसोसिएशन गोला की ओर से जिलाधिकारी लखीमपुर खीरी को संबोधित ज्ञापन उप जिलाधिकारी गोला के माध्यम से भेजा गया है। ज्ञापन की प्रतिलिपि तहसील गोला के विभिन्न न्यायालयों एवं अधिकारियों को भी प्रेषित की गई है। इस मौके पर मंत्री अधिवक्ता अनूप वर्मा, वरिष्ठ अधिवक्ता पूर्व अध्यक्ष लाल बिहारी वर्मा, वरिष्ठ अधिवक्ता हरि नाम पांडे, अवधेश वर्मा, आदर्श वर्मा, सुनील वर्मा, जय गोविंद राठौर, विजेंद्र यादव, रंजीत वर्मा, सर्व शक्ति सिंह, राम कृष्ण, नरेंद्र शुक्ला, सुमित गिरी समेत कई दर्जनों की संख्या में अधिवक्ता गण मौजूब रहे।
अधिवक्ताओं का कहना है कि यदि प्रशासन ने इस मामले में निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई नहीं की, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। फिलहाल बार एसोसिएशन के इस कड़े रुख के बाद प्रशासनिक हलकों में भी हलचल देखी जा रही है।













