Lakhimpur Kheri : 5 दिन तक इलाज नहीं, छठे दिन बाहर भेजा गया मरीज, लखनऊ में डॉक्टरों ने बताया नसें सूख चुकी थीं, मजबूरी में कटा पैर, एसडीएम से शिकायत

Lakhimpur Kheri : सड़क हादसे में घायल युवक का समय पर इलाज न होने से उसका पैर काटना पड़ने का मामला सामने आया है। पीड़ित परिवार ने निजी अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टर पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए उप जिलाधिकारी गोला को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।
धर्म सिंह पुत्र हरदेव सिंह, निवासी ग्राम व पोस्ट खंजनपुर, थाना मैलानी, तहसील गोला, जिला लखीमपुर खीरी ने बताया कि 10 दिसंबर 2025 को शाम लगभग 4:30 बजे उनका इकलौता पुत्र गुरजीत सिंह अपनी मौसी बलविंदर कौर के साथ मोटरसाइकिल से कुकर गोला रोड होते हुए गोला शहर आ रहा था।

इसी दौरान जंगल क्षेत्र में एक कार (पंजीकरण संख्या UP 32 FM 2324) के चालक ने लापरवाही से वाहन चलाते हुए जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में गुरजीत सिंह का दाहिना पैर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि बलविंदर कौर का भी दाहिना पैर घुटने के ऊपर से टूट गया। दोनों को अन्य चोटें भी आईं।

परिजन घायलों को तत्काल गोला बाईपास रोड स्थित सनशाइन हॉस्पिटल ले गए। आरोप है कि अस्पताल में भर्ती करने के बावजूद पांच दिन तक घायल गुरजीत सिंह का कोई प्रभावी इलाज या ऑपरेशन शुरू नहीं किया गया। इस दौरान परिजनों को यह भी नहीं बताया गया कि अस्पताल में गंभीर ऑपरेशन से जुड़ी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं, जबकि ऐसे मामलों में 48 घंटे के भीतर ऑपरेशन होना बेहद जरूरी माना जाता है।

छठे दिन अस्पताल प्रबंधन ने मरीज को बाहर ले जाने की सलाह दी, जिसके बाद परिजन उसे लखनऊ लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि इलाज में अत्यधिक देरी के कारण पैर की नसें सूख चुकी हैं और अब ऑपरेशन संभव नहीं है। मजबूरी में गुरजीत सिंह का पैर काटना पड़ा।

पीड़ित धर्म सिंह का कहना है कि यदि समय रहते सही इलाज शुरू किया जाता या मरीज को पहले ही उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर कर दिया जाता, तो उनके बेटे का पैर बच सकता था। उन्होंने इस पूरे मामले के लिए सनशाइन हॉस्पिटल के संचालक डॉक्टर कौशल वर्मा को जिम्मेदार ठहराया है।

इस संबंध में उप जिलाधिकारी गोला प्रतीक्षा त्रिपाठी ने बताया कि उन्हें शिकायत ज्ञापन प्राप्त हुआ है। मामले की जांच कराई जाएगी। अस्पताल के मानकों और वहां संचालित चिकित्सकीय सुविधाओं की मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) स्तर से जांच कराकर जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

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