पूरा खानदान लुटेरा! खाटूश्यामजी में श्रद्धालुओं को लूटने वाले गैंग का भंडाफोड़, एक ही परिवार के सास- ससुर व बेटा-बहू समेत 18 गिरफ्तार

सीकर : खाटूश्यामजी में बढ़ती चेन स्नैचिंग की घटनाओं के बीच पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संगठित गैंग के एक दर्जन से अधिक सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इस गिरफ्तारी में बाप, बेटा, बहू और पति-पत्नी समेत कई रिश्तेदार शामिल हैं। यह कार्रवाई ऐसे समय हुई जब नए साल के मौके पर पुलिस ने विशेष रणनीति अपनाई और इससे तंत्र ने सफलता हासिल की।

खाटूश्यामजी में लगातार हो रही चेन स्नैचिंग की घटनाओं को देखते हुए पुलिस ने सतर्कता बढ़ाई। थाना अधिकारी पवन कुमार चौबे ने बताया कि पूर्व में एकादशी और मासिक मेलों के दौरान कई वारदातें हुई थीं, जिनमें चेन स्नैचिंग और जेब कटने की घटनाएं शामिल थीं। इन घटनाओं के मद्देनजर, नए साल के त्योहार पर विशेष अभियान चलाया गया। पुलिस टीम के साथ मिलकर इंचार्ज वीरेंद्र यादव, कैलाश चंद यादव और अन्य अधिकारियों ने योजना बनाई और उसका क्रियान्वयन किया।

फोर्स ने मंदिर के प्रवेश और निकास मार्ग पर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी। दर्शकों और श्रद्धालुओं की भीड़ का लाभ उठाते हुए, पुलिस ने मंदिर के एंट्री और एग्जिट पॉइंट पर सादा वर्दी में पुलिसकर्मियों को तैनात किया। संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर शक होने पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई कर गैंग के सदस्यों को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान, इन आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे मिलकर वारदातें अंजाम देते थे।

पुलिस ने जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनमें पत्नी दीपक, पिंकी पत्नी मनोज, पूजा पत्नी सोनू, टीना पत्नी विकास, शर्मिला पत्नी रामचंद्र, ज्योति पत्नी राजकुमार, काजल पुत्री सुंदरलाल, राखी कुमारी पुत्री रमेश, दर्शना पत्नी राजू, कोमल पुत्र रामानंद, जयपाल पुत्र चंद्रभान, राजकुमार पुत्र जयपाल, जयकरण पुत्र रमेश, मोहनसिंह पुत्र भूपसिंह, दीपक पुत्र राजू, भरतपाल पुत्र राजेश, रोहित पुत्र किशनपाल और प्रवीण चौहान पुत्र उम्मेद सिंह शामिल हैं। इनमें से भूमिका और दीपक पति-पत्नी हैं, जबकि अन्य आरोपी आपस में रिश्तेदार हैं और बावरिया जाति से संबंधित हैं।

पुलिस के अनुसार, ये सभी आरोपी मिलकर एक संगठित गैंग के रूप में काम करते थे। महिलाएं समूह बनाकर टारगेट के आसपास घूमती थीं और बातों में उलझाकर सोने की चेन तोड़ लेती थीं। वारदात के तुरंत बाद या तो महिलाएं मौके से फरार हो जाती थीं या अपने पुरुष साथियों को चेन सौंप देती थीं, ताकि पकड़ में आने पर बरामदगी न हो सके। इस कार्रवाई से क्षेत्र में सुरक्षा का माहौल मजबूत हुआ है और पुलिस की सतर्कता से अपराधियों के मन में खौफ पैदा हुआ है।

यह भी पढ़े : ‘हमें भारत माता की जय बोलने को मजबूर नहीें कर सकते’, महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा ने कहा- ‘कश्मीर में नहीं चलने देंगे हिंदुत्व’


 

खबरें और भी हैं...

अपना शहर चुनें