
तेहरान। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि अहंकारी शासक सत्ता के शिखर पर पहुंचते हैं तभी उनका पतन शुरू होता है।
उन्होंने मोहम्मद रजा पहलवी का उल्लेख करते हुए कहा कि उन जैसे अहंकारी शासकों ने भी अपने घमंड की चरम सीमा पर पहुंच कर पतन देखा था और ट्रंप का भी यही हश्र होगा। उधर, ईरान के पूर्व शाह के निर्वासित बेटे रजा पहलवी ने अमेरिकी राष्ट्रपति से ईरान में दखल देने के लिए तैयार रहने की अपील की है। ईरान में अराजकता के बीच ट्रंप ने कहा है कि वहां के हालात पर करीब से नजर रखी जा रही है।

ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई ने सोशल प्लेटफॉर्म एक्स पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि दुनिया के तनाशाहों और घमंडी शासकों का अंत तब हुआ जब वे अपने घमंड के चरम पर थे, तुम्हारा भी पतन होगा। उन्होंने तेहरान और अन्य शहरों में हुई तोड़फोड़ की कड़ी निंदा करते हुए इसके लिए प्रदर्शनकारियों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने दावा किया कि कुछ लोग अमेरिकी राष्ट्रपति को खुश करने के लिए अपने ही देश को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
इससे पहले पूर्व शाह के निर्वासित बेटे रजा पहलवी ने अमेरिकी राष्ट्रपति को ईरान में हस्तक्षेप के लिए तैयार रहने की अपील करते हुए उनसे समर्थन मांगा है। उन्होंने एक्स पोस्ट के जरिए कहा है कि ईरान के लोग विरोध प्रदर्शन के लिए सड़कों पर उतरेंगे, यह समय बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने ट्रंप से कहा कि उनकी खामेनेई के आपराधिक शासन के प्रति धमकी ने सरकार के गुंडों को दूर रखा है और यह समय बहुत अहम है।
इस पूरे घटनाक्रम में अमेरिकी राष्ट्रपति ने एकबार फिर ईरान को धमकी देते हुए कहा कि अगर प्रदर्शनकारियों को मारा गया तो अमेरिका दखल देगा और वहीं हमला करेगा, जहां सबसे ज्यादा दर्द होगा।उन्होंने कहा कि अमेरिका पूरी स्थिति पर गहरी नजर रख रहा है।
खराब अर्थव्यवस्था, आसमान छूती महंगाई और गिरती मुद्रा के खिलाफ ईरान के लोगों का प्रदर्शन पूरे देश में फैल गया है।ईरान के शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। खामेनेई शासन के खिलाफ यह विरोध प्रदर्शन देश के सभी 31 प्रांतों में फैल चुका है।
पिछले साल 28 दिसंबर को देश की मुद्रा रियाल के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचने के बाद तेहरान के मुख्य बाजारों में शुरू हुए इस प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा बलों की कड़ी कार्रवाई और व्यापक इंटरनेट प्रतिबंध के बावजूद तेहरान, मशहद और अन्य प्रमुख शहरों में हजारों की संख्या में लोग सड़कों पर उतर रहे हैं। इसमें काफी संख्या में पूर्व राजशाही समर्थक प्रदर्शनकारी भी हैं जो रजा पहलवी के समर्थन में नारेबाजी कर रहे हैं।














