
लखनऊ: किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी में यौन शोषण और जबरन धर्मांतरण के दबाव के आरोपी रेजिडेंट डॉक्टर रमीजुद्दीन नाइक उर्फ रमीज मलिक की मुश्किलें बढ़ गई हैं. जिला अदालत ने पुलिस की अर्जी पर आरोपी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी कर दिया है. सीएम योगी के डॉक्टर की गिरफ्तारी के सख्त निर्देश दिए जाने के बाद पुलिस की 5 टीमें 2 राज्यों के अलग-अलग जिलों में छानबीन कर रही हैं.
कोर्ट ने दिए ये सख्त आदेश: पुलिस की 15 दिनों की नाकामयाबी के बाद कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है यदि रमीज जल्द गिरफ्तार नहीं होता है, तो पुलिस उसकी संपत्ति कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू करेगी. गुरुवार को पीड़िता का मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज कराया गया. सूत्रों के मुताबिक, पीड़िता ने FIR में लगाए गए यौन शोषण और धर्मांतरण के दबाव वाले आरोपों को पूरी तरह दोहराया है.
लगातार लोकेशन बदल रहा आरोपी: इंस्पेक्टर चौक नागेश उपाध्याय के मुताबिक, रमीज अपना मोबाइल बंद कर लगातार लोकेशन बदल रहा है. पुलिस इन इलाकों लखीमपुर खीरी, पीलीभीत, बरेली और शाहजहांपुर, खटीमा, नानकमत्ता, बनबासा और टनकपुर में दबिश दे रही है. पुलिस अब रमीज के करीबियों और रिश्तेदारों के मोबाइल फोन की भी सर्विलांस के जरिए निगरानी कर रही है.
पीड़िता को CM योगी से मिला न्याय का भरोसा: बुधवार को पीड़िता ने अपनी मां के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी. सीएम ने पीड़िता की आपबीती सुनने के बाद पुलिस अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि आरोपी डॉक्टर को किसी भी हाल में पाताल से भी ढूंढकर लाया जाए. वहीं सीएम से मुलाकात की खबर के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन में भी हड़कंप मचा है.
ये था पूरा मामला : केजीएमयू के पैथालॉजी विभाग में तैनात रेजीडेंट डॉ. रमीज मलिक पर महिला रेजीडेंट डॉक्टर ने शादी का झांसा देकर यौन शोषण और धर्मांतरण का आरोप लगाया था. आरोप था कि धर्मांतरण न करने पर रमीज ने शादी से इनकार कर दिया था. इससे त्रस्त होकर महिला डाॅक्टर ने खुदकुशी की कोशिश की थी. पीड़िता पश्चिम बंगाल की रहने वाली है. उसने चौक कोतवाली में लिखित तहरीर दी थी कि वह जुलाई में डॉ. रमीज के संपर्क में आई थी. उसका आरोप था कि डॉ. रमीज ने शादी का झांसा देकर उसका कई महीने तक शोषण किया था. पुलिस ने डॉ. रमीज के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था. पश्चिम बंगाल की पीड़िता महिला डॉक्टर ने आरोप लगाया था कि डॉ. रमीज ने पहले भी एक हिंदू महिला डॉक्टर का धर्मांतरण कराकर उससे निकाह किया है, जो वर्तमान में नोएडा के एक अस्पताल में तैनात है.
पांच सदस्यीय टीम गठित की थी : केजीएमयू के लव जिहाद मामले में संस्थान की कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद ने जांच के निर्देश दिए थे. बीते शुक्रवार को कुलपति ने मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय टीम गठित की थी. टीम ने मामले की जांच रिपोर्ट महिला आयोग को भेज दी है. कुलपति ने आदेश में लिखा था कि आरोपी डॉ. रमीजुद्दीन नायक उर्फ रमीज मालिक के मददगारों की जांच के लिए मेडिकल यूनिवर्सिटी ने टीम का गठन किया है. पूरे मामले की सच्चाई जानने के लिए नई जांच टीम बनाई गई है. यह टीम सात दिन में रिपोर्ट तैयार कर सौपेंगी.










