कासगंज : जेल प्रशासन पर लगे गंभीर आरोप, बंदियों के परिजनों ने लगाया पेशाब पिलाने का आरोप, अधिवक्ताओं ने उठाई जांच की मांग

कासगंज : जिला कारागार से तारीख पर आए बंदियों और उनके परिजनों ने जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप है कि जेल में बंदियों के साथ मारपीट की जा रही है और उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया जा रहा है। यहां तक कि एक सजायाफ्ता बंदी को मारपीट कर पेशाब पिलाने का मामला भी सामने आया है। फिलहाल न्यायालय के अधिवक्ताओं ने जेल प्रशासन के खिलाफ जांच पड़ताल कर कार्रवाई की मांग की है।

जिला कारागार पचलाना, कासगंज में कुल मिलाकर 730 बंदी और सजायाफ्ता कैदी हैं। जेल अधीक्षक विजय विक्रम सिंह के स्थानांतरण के बाद नए जेल अधीक्षक राजेश कुमार ने अपना फरमान जारी कर दिया है। बाहर से पैकिंग सामान लाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। कैंटीन में सामान तीन गुना महंगे दामों पर मिल रहा है। न्यायालय में तारीख पर आए बंदियों ने अपना दुखड़ा सुनाया तो उनके परिजनों ने भी गंभीर आरोप लगाए।

ये कहना है बंदी का

जेल से तारीख पर आए बंदी कल्लू ने बताया कि जेल का हाल बहुत बुरा है। आए दिन जेल प्रशासन द्वारा मारपीट की जाती है। मुलाकात भी बंद करा दी गई है। एक सजायाफ्ता कैदी को मारपीट कर पेशाब पिलाने का मामला भी सामने आया है।

ये बोले बंदियों के परिजन

सहावर निवासी बंदी की पत्नी मुर्सरत ने बताया कि उनके पति शुगर के मरीज हैं। बाहर का कोई सामान जेल में नहीं जाने दिया जाता। कहा जाता है कि पैसे घर से मंगवाओ और कैंटीन से खरीदकर खाओ, जहां सबकुछ बहुत महंगा है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक शख्स को मारपीट कर पेशाब भी पिलाया गया। साथ ही धमकी दी गई कि अगर किसी ने बात कही तो उसे दूसरी जेल भेज दिया जाएगा, जहां मुलाकात भी नहीं हो पाएगी।

बंदी राज माहेश्वरी की पत्नी शालिनी ने बताया कि सीसीटीवी कैमरों के सामने महिलाओं के कपड़े उतरवाकर चेकिंग की जाती है और जेल अधीक्षक राजेश कुमार सामने बैठे रहते हैं। बाहर से पैकिंग सामान अंदर नहीं जाने दिया जाता और कहा जाता है कि कैंटीन से खरीदो, जो बेहद महंगा है। 24/25 अगस्त को उनके पति के साथ मारपीट की गई और उन्हें बगिया में ले जाकर जबरन मेहनत का कार्य कराया गया। बंदियों ने इसके विरोध में भूख हड़ताल भी की थी।

ये बोले अधिवक्ता

न्यायालय के अधिवक्ता केशव मिश्रा ने कहा कि मेरे पास कई मुकदमे विचाराधीन चल रहे हैं। बंदियों ने मुझे बताया कि जेल में दो दिन से भूख हड़ताल चल रही है। नए जेलर साहब का बंदियों और कैदियों के प्रति व्यवहार अभद्र और अमानवीय है। उनके परिवार वालों से जबरन अवैध वसूली की जाती है। महिलाओं के साथ अश्लील हरकतें की जाती हैं, जिनका मैं कैमरे पर जिक्र भी नहीं कर सकता। बंदियों और उनके परिजनों को धमकी दी जाती है कि अगर विरोध किया तो उन्हें दूसरी जेल भेज दिया जाएगा, जहां मुलाकात भी नहीं होगी। इस मामले की उच्चस्तरीय जांच की जानी चाहिए।

वर्जन

डिप्टी जेलर रामदास ने बताया कि बंदियों और उनके परिजनों द्वारा लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद हैं। जेल में सब कुछ सामान्य है। बाहर का पैकिंग सामान जेल में लाने पर कोई प्रतिबंध नहीं है।

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