
करनाल में शहरी स्थानीय निकाय (यूएलबी) का एनडीसी पोर्टल तीन दिनों से बंद पड़ा है, जिसके चलते संपत्तिकर और रजिस्ट्री से जुड़े कार्यों में गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो गई हैं। इस समस्या के कारण न तो लोग अपनी संपत्तियों के लिए ऑनलाइन एनओसी (अनापत्ति प्रमाणपत्र) प्राप्त कर पा रहे हैं, और न ही संपत्तिकर संबंधी जानकारी अपडेट हो रही है।
लोगों को अपनी संपत्तिकर फाइलों और एनडीसी के लिए निगम कार्यालय में चक्कर काटते हुए देखा जा रहा है। कई लोग तो अपने संपत्ति के पंजीकरण में विकास शुल्क के न जमा होने के कारण अटक गए हैं, जबकि कुछ लोग अपनी संपत्ति के रिकॉर्ड में सुधार नहीं कर पा रहे हैं। निगम अधिकारी दिन भर लोगों को आश्वासन दे रहे हैं कि अगर शाम तक पोर्टल चालू होता है, तो वे बाकी काम निपटाने का प्रयास करेंगे।
इस समस्या से न केवल आम नागरिकों की परेशानी बढ़ी है, बल्कि सरकार को भी राजस्व का नुकसान हो रहा है। नगर निगम को रोजाना तीन लाख रुपये का संपत्तिकर शुल्क प्राप्त होता है, वहीं तहसील भी शहरी संपत्ति के पंजीकरण से लाखों रुपये का राजस्व अर्जित करती है।
अधिकारियों के अनुसार, वित्तीय वर्ष के समाप्त होने के बाद पोर्टल को अपडेट करने के लिए इसे मुख्यालय से बंद किया गया था, और इसे जल्द ही चालू कर दिया जाएगा। इस बीच, संपत्तिकर भुगतान में भी समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। लोग अपनी संपत्तिकर आईडी में सुधार नहीं कर पा रहे हैं, गलत जानकारी पर आपत्तियां दर्ज नहीं हो पा रही हैं, और संपत्ति की ऑनलाइन खोज भी नहीं हो पा रही है।
इस समस्या के कारण नगर निगम के राजस्व में भी कमी आई है, क्योंकि नियमित करदाता भी समय पर अपना टैक्स जमा नहीं कर पा रहे हैं। अधिकारियों ने इस मुद्दे का समाधान उच्च स्तर पर रिपोर्ट भेजी है, लेकिन अब तक इसका ठोस समाधान नहीं निकल पाया है।