
मेरठ के सरधना थाना क्षेत्र के कपसाड़ गांव में अनुसूचित जाति की महिला सुनीता की हत्या और उसकी बेटी रूबी के अपहरण के मामले में रविवार को बड़ी कार्रवाई देखने को मिली। मुख्य आरोपी पारस सोम को भारी सुरक्षा के बीच स्पेशल सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया, जहां अदालत ने उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया। वहीं, पीड़िता रूबी के बयान एसीजेएम-द्वितीय की अदालत में दर्ज कराए गए, जिसके बाद उसे काउंसलिंग के लिए आशा ज्योति केंद्र भेज दिया गया।
कोर्ट में पेशी के दौरान छावनी में बदली कचहरी
रविवार का दिन होने के बावजूद मेरठ कचहरी पूरी तरह छावनी में तब्दील नजर आई। सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक कई थानों की पुलिस फोर्स तैनात रही। सीओ सरधना आशुतोष कुमार और सीओ सिविल लाइन अभिषेक तिवारी खुद मोर्चा संभाले हुए थे। पुलिस की सख्त सुरक्षा के बीच शाम करीब 4:30 बजे पारस सोम को कोर्ट लाया गया।
मीडिया के सामने बोला पारस
जब पारस सोम पुलिस के घेरे में कचहरी परिसर में पहुंचा तो उसने चेहरे से सिर तक मफलर लपेट रखा था और ठंड से बचने के लिए चादर ओढ़ी हुई थी। मीडिया के सवालों पर पहले वह खामोश रहा, लेकिन कुछ कदम आगे बढ़ते ही उसने कहा—
“मैंने किसी को नहीं मारा… मुझे बचा लीजिए, मैं बेगुनाह हूं।”
इसके बाद उसे सीधे अदालत में पेश किया गया।
10 मिनट चली सुनवाई, फिर जेल भेजा गया
ड्यूटी मजिस्ट्रेट सावन कुमार के समक्ष करीब 10 मिनट तक चली पेशी के बाद कोर्ट ने हत्या, अपहरण और एससी-एसटी एक्ट की गंभीर धाराओं में पारस सोम को जेल भेजने का आदेश दिया। एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने बताया कि कोर्ट के सामने सभी पुख्ता साक्ष्य पेश किए गए, जिसके आधार पर आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।
वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा ने पुष्टि की कि पारस सोम को चौधरी चरण सिंह जिला कारागार में दाखिल कर उसे मुलाहिजा बैरक में रखा गया है।
रूबी ने पारस के खिलाफ दर्ज कराए बयान
इधर, पीड़िता रूबी को बेहद गोपनीय तरीके से एसीजेएम-द्वितीय की अदालत में पेश किया गया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक रूबी ने अपनी मां की हत्या और खुद के अपहरण के लिए पारस सोम को जिम्मेदार ठहराते हुए उसके खिलाफ बयान दर्ज कराए हैं। बयान के बाद उसे मेडिकल कॉलेज स्थित आशा ज्योति केंद्र भेज दिया गया। रूबी के बयान सीलबंद कर दिए गए हैं, जिन्हें सोमवार को विवेचक को सौंपा जाएगा।
शनिवार रात से जेल तक का सफर
- शनिवार रात: पारस सोम को पुलिस लाइन स्थित क्राइम ब्रांच कार्यालय में रखा गया
- रविवार सुबह: मेडिकल परीक्षण कराया गया
- शाम 5:15 बजे: पेशी के बाद चौधरी चरण सिंह जिला कारागार भेजा गया
आला अधिकारी रहे अलर्ट
पारस और रूबी की पेशी के दौरान डीआईजी कलानिधि नैथानी और एसएसपी डॉ. विपिन ताडा लगातार पल-पल का अपडेट लेते रहे। कचहरी परिसर में किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो, इसके लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।
क्या है पूरा मामला
कपसाड़ गांव में गुरुवार को अनुसूचित जाति की महिला सुनीता की हत्या कर दी गई थी और उनकी बेटी रूबी का अपहरण कर लिया गया था। इस वारदात से इलाके में तनाव फैल गया था। पुलिस की लगातार दबिश के बाद शनिवार देर शाम पारस सोम को रुड़की रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया गया, जबकि रूबी को सकुशल बरामद कर लिया गया। रविवार को रूबी का मेडिकल परीक्षण कराने के बाद उसके बयान कोर्ट में दर्ज कराए गए।












