Kanpur : ट्यूशन टीचर और प्रेमी को उम्रकैद, मां बोली– ‘मेरे बेटे के कातिलों को फांसी दो’

कानपुर: बहुचर्चित कुशाग्र कनोडिया हत्याकांड में अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा फैसला सुनाया है। ट्यूशन टीचर रचिता वत्स, उसके प्रेमी प्रभात शुक्ला और उनके साथी आर्यन उर्फ शिवा को उम्रकैद की सजा दी गई है। मंगलवार को अदालत ने तीनों को दोषी ठहराया था, जबकि बुधवार को सजा का ऐलान किया गया।

फैसले के बाद मृतक कुशाग्र की मां सुनीता कनोडिया ने गहरा असंतोष जताया। उन्होंने कहा कि उन्हें इस सजा से संतुष्टि नहीं है और दोषियों को फांसी दी जानी चाहिए। उनका कहना था कि जिस तरह उनके बेटे की बेरहमी से हत्या की गई, उसी तरह आरोपियों को भी सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि दोषियों में कोई पछतावा नहीं है।

कुशाग्र के चाचा ने भी अदालत के फैसले पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि ढाई साल से परिवार न्याय की उम्मीद में कोर्ट के चक्कर काट रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक दोषियों को फांसी नहीं होती, तब तक उनके भतीजे की आत्मा को शांति नहीं मिलेगी। परिवार ने फांसी की मांग को लेकर हाईकोर्ट जाने का फैसला किया है।

कोर्ट का निष्कर्ष और केस का विवरण
अदालत ने माना कि तीनों आरोपियों ने फिरौती के उद्देश्य से कुशाग्र का अपहरण किया और बाद में उसकी हत्या कर दी। 16 वर्षीय कुशाग्र की हत्या 30 अक्टूबर 2023 को की गई थी। मामले की अंतिम सुनवाई 13 जनवरी को हुई थी। अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 14 गवाह पेश किए गए, जिनके बयानों और सबूतों के आधार पर अदालत ने दोषसिद्धि की।

चार्जशीट और सबूतों का ब्यौरा
एडीजीसी भास्कर मिश्रा के अनुसार, पुलिस ने 600 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी। ट्रायल के दौरान 240 पन्नों की जिरह हुई। अदालत में 42 दस्तावेज प्रमाणित किए गए और 112 भौतिक साक्ष्य पेश किए गए। मामले में सीसीटीवी फुटेज भी अहम सबूत बने, जिनमें प्रभात और कुशाग्र को कमरे में जाते हुए देखा गया, जबकि फिरौती पत्र डालते समय प्रभात और आर्यन कैमरे में कैद हुए।

हत्या की साजिश और कबूलनामा
प्रभात शुक्ला ने अपने बयान में बताया कि उसकी रचिता से दोस्ती वर्ष 2017 में हुई थी और उसी के जरिए उसकी पहचान कुशाग्र के परिवार से हुई। परिवार की आर्थिक स्थिति देखकर उसने फिरौती के लिए अपहरण की योजना बनाई। उसने स्वीकार किया कि 22 अक्टूबर 2023 को रचिता और आर्यन के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची गई थी।

प्रभात ने बताया कि कुशाग्र को बहला-फुसलाकर अपने घर लाया गया, जहां शोर मचाने पर नारियल की रस्सी से उसका गला घोंट दिया गया। पूरी घटना करीब 43 मिनट तक चली, जो सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई और यही फुटेज अदालत में निर्णायक सबूत साबित हुई।

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