
भास्कर ब्यूरो
कानपुर। देश से मन की बात करने वाले प्रधानमंत्री के दिल तक कानपुर के मन की बात पहुंच गई है। नई दिल्ली में शहर के सांसद रमेश अवस्थी ने पीएम मोदी को स्वलिखित ‘मन की डायरी’ सौंपी है। उन्होंने पीएम मोदी से व्यक्तिगत गुफ्तगू के दरमियान सांसद ने शहर के समग्र विकास का रोडमैप सौंपते हुए कानपुर को औद्योगिक और वैश्विक मंच चमकाने का आग्रह किया। जवाब में प्रधानमंत्री ने मौजूदा कार्यकाल में कानपुर के विकास को आकार देने का वादा किया है। उम्मीद है कि, पहले चरण में शहर की समस्याओं से जंग होगी, दूसरे चरण में रोजगार-शिक्षा और औद्योगित ढांचे को दुरुस्त करने की रणनीति पर काम किया जाएगा।
बता दें कि सांसद रमेश अवस्थी ने शहर के विकास के रोडमैप के साथ-साथ स्वयं तैयार एक डायरी भी प्रधानमंत्री को सौंपी है, इस डायरी में मोदी के मन की बात के सभी 108 संस्करणों को क्यूआर कोड के रूप में संकलित किया गया है।
मैनचेस्टर का गौरव लौटाने की गुहार
सांसद रमेश अवस्थी ने प्रधानमंत्री से मुलाकात के दरमियान सबसे प्रमुख रूप से शहर को औद्योगिक गौरवशाली स्वरूप वापस लौटाने की अर्जी लगाई है। उन्होंने एनटीसी और बीआईसी के आधीन सभी ग्यारह कपड़ा मिलों का उल्लेख करते हुए बताया कि, शहर के मध्य स्थित उपर्युक्त सभी मिलों का क्षेत्रफल 252.29 एकड़ है। अरसे से मिलों के बंद होने से मशीनरी भी कबाड़ हो चुकी है। उन्होंने बताया कि, यदि मिलों की बंदी का स्थाई समाधान नहीं किया गया तो धीरे-धीरे मिलों की जमीनों पर अवैध कब्जों का मकड़जाल जकड़ लेगा। सांसद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह किया कि, यदि बंद मिलों की जमीन को केंद्र सरकार अपने स्वामित्व में लेकर शहर के मध्य आईटी हब अथवा टेक्सटाइल हब के रूप में विकसित करें तो शहर और आसपास के तमाम जनपदों के युवाओं को रोजगार के अवसर कानपुर में मुहैया होंगे।
प्रधानमंत्री ने जल्द बदलाव का भरोसा दिया
सांसद रमेश अवस्थी के जरिए कानपुर के औद्योगिक विकास के रोडमैप के परखने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सैद्धांतिक तौर पर दुरुस्त करार दिया। उम्मीद है कि, जल्द ही कपड़ा मंत्रालय के अफसरों और राज्य सरकार के अफसरों की संयुक्त समिति बनाकर स्थलीय निरीक्षण कराया जाएगा। जमीनों के आंकलन के साथ-साथ आईटी पार्क, टैक्सटाइल हब अथवा इलेक्ट्रानिक सिटी के रूप में विकसित करने पर मंथन किया जाएगा। बहरहाल, प्रधानमंत्री मोदी ने कानपुर के विकास के लिए खुद को प्रतिबद्ध बताते हुए आश्वस्त किया है कि, जल्द ही कानपुर का पुराना गौरव प्राप्त होगा।
केंद्र सरकार के दिल-दिमाग तक सांसद रमेश अवस्थी ने कानपुर के मन की बात को पहुंचाने के प्रयास में तमाम बड़े शहरों के लिए रोजाना एयर कनेक्टिविटी को लेकर रास्ते निकालने का प्रयास किया है। केंद्रीय उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू से मुलाकात के दरमियान बीते दिनों कानपुर की देश के प्रमुख शहरों से रोजाना एयर कनेक्टिविटी का प्रस्ताव रखा गया था। इसी सिलसिले में शुक्रवार को रमेश अवस्थी ने उड्डयन अफसरों से मुलाकात के दरमियान पुणे, कोलकाता, अहमदाबाद और अमृतसर के लिए कानपुर से फ्लाइट को अनिवार्य आवश्यकता बताकर उड़ान को जल्द से जल्द शुरू कराने का आग्रह किया। गौरतलब है कि, सांसद रमेश अवस्थी के प्रयास का नतीजा है कि, कानपुर से बैंगलुरु के लिए सप्ताह में सातों दिन उड़ान मुमकिन हुई है। इंडिगो ने कुछ महीने पहले सात दिन की उड़ान को घटाकर तीन दिन कर दिया था।
क्यूआर कोड में कैद मन की बात
देश की सत्ता संभालने के बाद प्रधानमंत्री फिलवक्त 108 मर्तबा देश के कर्णधारों से मन की बात कर चुके हैं। कभी शिक्षकों से तो कभी शिक्षार्थियों से, कभी कर्मयोगियों से तो कभी महिलाओं से। ऐसे में सांसद रमेश अवस्थी ने प्रधानमंत्री के मन की बात के सभी एपिसोड को क्यूआर कोड के रूप में संकलित करते हुए डिटिजल डाय़री का रूप दिया है। सांसद ने अभी तक कानपुर तथा नई दिल्ली में इस डायरी की 25 हजार से ज्यादा प्रतियां वितरित कराई हैं। डायरी में चस्पा क्यूआर कोड की स्क्रैनिंग के जरिए मन की बात के किसी भी एपिसोड को सुनना मुमकिन है। सासंद ने मुलाकात दरमियान प्रधानमंत्री को मन की बात वाली डिजिटल डायरी सौंपी तो उन्होंने इसे अद्भुत प्रयास बताया।