झांसी की पहली महिला ऑटो ड्राइवर की हत्या का खुलासा, लिव-इन पार्टनर ने सिर में मारी थी गोली

झांसी : झांसी जिले की पहली महिला ऑटो चालक अनीता चौधरी की मौत दुर्घटना में नहीं हुई थी, बल्कि हत्या की गई थी। इसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुआ। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर में गोली लगने की पुष्टि की गई है। इसके बाद लूट और एक्सीडेंट दिखाने की कोशिश की गई थी।

एसएसपी बीबीजीटस मूर्ति ने जिले की चर्चित महिला की हत्या का खुलासा करते हुए बताया कि तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। अनीता की हत्या उसके प्रेमी मुकेश झा ने अपने बेटे और बहनोई के साथ मिलकर की थी। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य आरोपी मुकेश झा फरार है।

गौरतलब है कि नवाबाद थाना क्षेत्र के तालपुरा निवासी अनीता चौधरी 40 का शव सोमवार देर रात लगभग 2 बजे स्टेशन रोड पर मिला था। अनीता झांसी की पहली महिला ऑटो चालक और आत्मनिर्भर महिला होने के कारण इस तरह शव मिलने से सभी अचंभित थे।

तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज

एसएसपी बीबीजीटस मूर्ति ने बताया कि रविवार और सोमवार की मध्यरात्रि में नवाबाद थाना क्षेत्र में महिला के ऑटो के नीचे दबे होने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने महिला को अस्पताल भेजा, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। जांच में पता चला कि शव ऑटो ड्राइवर अनीता चौधरी का है।

अनीता के पति दिलदार चौधरी ने मुकेश झा, उसके बेटे शिवम झा और बहनोई मनोज झा पर हत्या करने का शक जताया था। इस पर तुरंत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई थी। सोमवार की शाम महिला का पोस्टमार्टम डॉक्टरों के पैनल द्वारा वीडियोग्राफी के साथ कराया गया।

सिर में गोली लगी हुई मिली

पोस्टमार्टम के दौरान अनीता चौधरी के सिर में गोली लगी हुई मिली, जिससे हत्या की पुष्टि हुई। तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस ने शिवम झा और बहनोई मनोज झा को गिरफ्तार कर लिया। मुख्य आरोपी मुकेश झा की गिरफ्तारी के लिए टीम बनाई गई है और उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है।

7 साल से प्रेमी के साथ संबंध

एसएसपी ने बताया कि अनीता और मुकेश झा के बीच सात साल से प्रेम संबंध था। अनीता अपने पति को छोड़कर उसके साथ रह रही थी। लेकिन कुछ दिन पहले उसने मुकेश से संबंध खत्म कर लिया था। इसके बाद मुकेश लगातार उसे अपने साथ रहने के लिए दबाव बना रहा था। अनीता के न मानने पर हत्या की साजिश रची गई। सोमवार रात अनीता ऑटो चला रही थी तभी उसे गोली मारकर हत्या की गई। हत्या को एक्सीडेंट और लूट दिखाने की कोशिश की गई।

गिलास फैक्ट्री में शुरू हुआ प्रेम संबंध

अनीता के पति ने बताया कि लगभग 9 साल पहले अनीता एक गिलास फैक्ट्री में काम करती थी, जहां मुकेश झा मैनेजर था। दोनों के बीच प्रेम संबंध शुरू हो गया। बीमार पड़ने पर अनीता ने नौकरी छोड़ ऑटो चलाना शुरू किया।

मारपीट के बाद हुआ ब्रेकअप

अनीता के ऑटो चलाने से मुकेश नाराज रहने लगा और दोनों में विवाद हुआ। मुकेश ने अनीता से मारपीट की थी। मामले की पंचायत के बाद अनीता ने मुकेश से ब्रेकअप कर लिया। लेकिन मुकेश लगातार उसे दबाव में रखना चाहता था, इसी कारण उसने अनीता की हत्या कर दी। अनीता के तीन बच्चे हैं बड़ा बेटा विक्की (शादीशुदा), बेटी साक्षी 18 और बेटा जानू 16।

झांसी की पहली महिला ऑटो चालक बनने की कहानी

तालपुरा निवासी अनीता की कहानी वीरांगना लक्ष्मीबाई की तरह वीरता और साहस से भरी थी। उन्होंने पांच साल पहले मीडिया को बताया था कि फैक्ट्री में झगड़ा होने के बाद नौकरी छोड़ दी थी। एक बार वह मध्य प्रदेश के ओरछा मंदिर दर्शन गई थीं, जहां एक महिला ई-रिक्शा चलाती देख उन्होंने प्रण किया कि वह भी ऑटो चलाकर दिखाएंगी। पड़ोस के रहने वाले देवर से उन्होंने ऑटो चलाना सीखा।

घर और परिवार में किसी को पता नहीं था कि वह ऑटो चलाती हैं। बाद में उन्होंने ऑटो फाइनेंस कराया, लेकिन पति नाराज हो गए। समाज और रिश्तेदारों में बदनामी के डर से पति विरोध करते थे। लेकिन ऑटो चलाकर वह अपने परिवार का पालन-पोषण कर रही थीं। तत्कालीन डीआईजी जोगेंद्र सिंह और एसएसपी शिवहरी मीणा ने अनीता को सम्मानित भी किया था।

अनीता की हत्या झांसी वासियों के लिए बड़ा झटका साबित हुई है। वह दिन या रात किसी भी मौसम में ऑटो से सवारियों को ढोती नजर आती थीं और महिला सशक्तिकरण में मिसाल थीं।

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