
Jhansi : मध्य प्रदेश के डबरा से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। झांसी से चलकर आगरा की ओर जा रही मंगला एक्सप्रेस में मंगलवार को एक महिला यात्री की तबीयत अचानक बिगड़ गई। सफर के दौरान महिला को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई, जिसके चलते ट्रेन को डबरा स्टेशन पर आपातकालीन रूप से रोकना पड़ा। महिला को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां उसने एक बच्ची को जन्म दिया। मां और बेटी दोनों स्वस्थ हैं।
मंगलवार को गाड़ी संख्या 12617 डाउन मंगला एक्सप्रेस वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी रेलवे स्टेशन से होते हुए आगरा की ओर जा रही थी। इस ट्रेन के जनरल कोच में भिंड जिले के थाना मेहगांव अंतर्गत रामनगर निवासी पवन विश्वकर्मा अपनी पत्नी मंजेश के साथ यात्रा कर रहे थे। जैसे ही ट्रेन डबरा रेलवे स्टेशन के नजदीक पहुंची, तभी जनरल कोच में यात्रा कर रही महिला यात्री को अचानक प्रसव पीड़ा होने लगी।
जानकारी मिलते ही डिप्टी कंट्रोलर डबरा ने वॉकी-टॉकी के माध्यम से गाड़ी के लोको पायलट से संपर्क किया और उद्घोषणा के जरिए आरपीएफ को सूचना दी गई। गाड़ी संख्या 12617 मंगला एक्सप्रेस को मेन लाइन डबरा स्टेशन पर रुकवाया गया। इसके बाद प्रसव पीड़ित महिला यात्री को आरपीएफ के सहायक उप निरीक्षक गिरिजेश कुमार, प्रधान आरक्षक दीपक कुमार, आरक्षक धर्मवीर सिंह एवं महिला आरक्षक नीतू रावत द्वारा सुरक्षित रूप से ट्रेन से उतारा गया। बिना समय गंवाए और एंबुलेंस का इंतजार किए बिना, प्राइवेट संसाधन से महिला को तत्काल सिटी हॉस्पिटल डबरा ले जाया गया, जहां डॉक्टर स्वाति अग्रवाल एवं नर्सिंग स्टाफ अर्चना ने महिला का उपचार किया।
आरपीएफ के अनुसार, मंजेश अपने पति पवन विश्वकर्मा के साथ जनरल टिकट पर कल्याण से ग्वालियर की यात्रा कर रही थीं। महिला के पति का पहले एक्सीडेंट हो चुका था, जिसके कारण उनके पैर में प्लास्टर लगा हुआ था।

रेलवे की सतर्कता से बची मां और शिशु की जान
डॉक्टरों ने बताया कि प्रसव पीड़ा अधिक होने के कारण बच्चे के गले में नाल फंस गई थी। यदि समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाया जाता, तो महिला और बच्चे दोनों की जान को खतरा हो सकता था। सुबह 10:56 बजे महिला ने एक बच्ची को जन्म दिया। महिला और नवजात दोनों स्वस्थ हैं।













