
[ मृतक की फाइल फोटो ]
झांसी। चिरगांव के अतपेई गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। 35 बर्षीय रामप्रसाद अहिरवार ने बुधवार रात फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उनके पिता पूरन अहिरवार ने बहू स्वाती पर बेटे को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है।
- पति-पत्नी में था मनमुटाव
मृतक रामप्रसाद मजदूरी करके अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। उसकी शादी 13 साल पहले स्वाती से हुई थी। हालांकि, पति-पत्नी के बीच लंबे समय से अनबन चल रही थी। छह साल पहले स्वाती अपने मायके चली गई थी और अपने साथ दो बच्चों को भी ले गई थी, जबकि दो बच्चों को पति के पास छोड़ दिया था।
- पत्नी से अनबन बनी आत्महत्या की वजह ?
मृतक के पिता के अनुसार, स्वाती अपने पति को मायके में रहने के लिए मजबूर करती थी और जब वह वहां जाता था, तो उसके साथ मारपीट की जाती थी। दो महीने पहले भी जब रामप्रसाद अपनी पत्नी को वापस लाने गया था, तब उसके साथ मारपीट हुई थी।
- शादी की रस्म में पत्नी के न आने से था दुखी
रामप्रसाद के भतीजे आशीष की शादी 27 मार्च को तय थी और बुधवार रात को लगुन की रस्म हुई थी। आठ दिन पहले रामप्रसाद अपनी पत्नी को शादी में शामिल होने के लिए बुलाने गया था, लेकिन वह मायके में नहीं मिली। इसके बाद वह ससुराल भी नहीं आई। इस बात से वह बेहद दुखी था।
- रात को उठकर बाथरूम गया, फिर नहीं लौटा
बुधवार देर रात करीब 1 बजे रामप्रसाद बाथरूम गया, लेकिन वापस नहीं लौटा। जब परिजन उसे देखने गए तो वह घर के बाहर नीम के पेड़ पर फांसी के फंदे से लटका मिला। परिवारवालों ने उसे नीचे उतारा, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
- पिता ने बहू को ठहराया जिम्मेदार
रामप्रसाद के पिता पूरन अहिरवार का कहना है कि बहू अगर शादी की रस्म में शामिल हो जाती, तो उनका बेटा जान नहीं देता। उन्होंने बहू की जिद को इस मौत की वजह बताया है। मृतक अपने पीछे चार बच्चों को छोड़ गया है। निहाल (12) और पलक (10) दादा के पास रहते हैं, जबकि दो बच्चे मां के साथ मायके में हैं।
- पुलिस कर रही जांच
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है कि क्या यह आत्महत्या है या इसके पीछे कोई और कारण भी है।