
झांसी। न्यायालय एडीजे-01 ने पुलिस मुठभेड़ में पकड़े गए तीन लुटेरों पर लूटपाट का आरोप सिद्ध होने पर उन्हें दस-दस साल का कारावास और दस-दस हजार रुपये का अर्थदंड किया है।
सहायक शासकीय अधिवक्ता तेजसिंह गौर ने बताया कि 17 अगस्त 1993 को बरुआसागर थानाध्यक्ष राजेश यादव व क्राइम ब्रांच ऑपरेशन टीम मय स्टाफ के साथ लुटेरों की तलाश में थे। तभी सूचना मिली कि तीन बदमाश दो मोटरसाइकिलों पर सवार होकर धमना से बरुआसागर की ओर जा रहे हैं। किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं।
इस सूचना पर पुलिस टीम सक्रिय हो गई। जैसे ही पुलिस टीम ने तीनों बदमाशों को घेरा, तो उन्होंने पुलिस टीम पर फायरिंग की। जवाब में पुलिस ने भी फायर किया। बाद में घेराबंदी कर तीनों बदमाशों को मोटरसाइकिल समेत पकड़ लिया। उन्हें थाने लाकर गहराई से पूछताछ की गई, जिसमें उन्होंने लूटपाट की वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार की। पुलिस के अनुसार, सीपरी बाजार थाना क्षेत्र के बैंकर्स कालोनी लहरगिर्द निवासी मेघराज, प्रेमनगर थाना क्षेत्र के प्रतापपुरा नगरा निवासी किशन अहिरवार और कोतवाली थाना क्षेत्र के दतिया गेट बाहर निवासी जुगल अहिरवार को गिरफ्तार किया गया।
इनके पास से 39 हजार रुपये से अधिक की लूटी गई रकम, मोटरसाइकिल और तमंचे बरामद किए गए। गिरफ्तार तीनों लुटेरों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेजा गया। बाद में पुलिस ने तीनों अभियुक्तों के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। न्यायालय एडीजे कक्ष संख्या-01 ने किशन अहिरवार, मेघराज सिंह ठाकुर और जुगल किशोर को दस-दस साल का कारावास और दस-दस हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। यदि अर्थदंड की राशि नहीं अदा की जाती है, तो अभियुक्तों को एक-एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
इसके अलावा, किशन अहिरवार और मेघराज सिंह को दफा 25 आर्म्स एक्ट में तीन-तीन साल का कारावास और तीन-तीन हजार रुपये का अर्थदंड दिया गया है। वहीं, जुगल अहिरवार को दफा 4/25 आर्म्स एक्ट में दो साल का कारावास और दो हजार रुपये का अर्थदंड दिया गया है। अभियुक्तों की सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।”