
Jhansi : जीआरपी अनुभाग में चल रहे ऑपरेशन कन्विक्शन ने एक बार फिर अपना असर दिखाया है। इस अभियान का उद्देश्य गंभीर अपराधों में शामिल अपराधियों को जल्द से जल्द सजा दिलाना है। इस कड़ी में, जीआरपी की प्रभावी जांच और अभियोजन पक्ष की मजबूत पैरवी ने वर्ष 2025 में 111 मामलों में 131 अभियुक्तों को सजा से दंडित करवाया।
यह घटना दिखाती है कि न्याय की प्रक्रिया को तेज और प्रभावी बनाने के लिए रेलवे पुलिस, अभियोजक और न्यायालय मिलकर कैसे काम कर रहे हैं। प्रदेश सरकार के ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत झांसी जीआरपी अनुभाग सजा दिलाने के मामले में अपना स्थान बनाए हुए हैं। गत जनवरी से लेकर अब तक झांसी जीआरपी अनुभाग में 111 मामलों में 131 अभियुक्तों को सजा मिली है। इनमें झांसी, ललितपुर, बांदा, मानिकपुर के अपराधी शामिल है। बताते हैं कि पुलिस अधीक्षक रेलवे विपुल कुमार श्रीवास्तव, सीओ जीआरपी सलीम खान के निर्देशन में ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत लगातार अपराधियों की सजा मिल रही है।
ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत शासन द्वारा निर्देशित किया गया है कि न्यायालयों में लंबित मामलों की त्वरित सुनवाई कर अधिक से अधिक दोषियों को सजा दिलाई जाए, जिससे अपराधियों में कानून का भय बना रहे और पीड़ितों को शीघ्र न्याय मिल सके। मॉनिटरिंग सेल जीआरपी द्वारा प्रभावी पैरवी कर झांसी अनुभाग के 111 मामलों में 131 अभियुक्तों को सजा दिलाई गई है। एसपी रेलवे द्वारा भी प्रतिदिन मॉनटरिंग सेल द्वारा की गई कार्रवाई का अनुश्रवण कर प्रभावी पैरवी के लिए दिशा- निर्देश दिए जाते हैं।
उल्लेखनीय है कि सजा होने के फलस्वरुप अभियुक्त
1- चुनाव नहीं लड़ सकते हैं।
2- सरकारी नौकरी नहीं पा सकते हैं।
3- शस्त्र लाइसेंस नहीं पा सकते हैं।
4- पासपोर्ट नहीं बनवा सकते हैं।
5- ठेकेदारी लाइसेंस नहीं बनवा सकते हैं।
इनका कहना है
विपुल कुमार श्रीवास्तव, एसपी रेलवे झांसी – झांसी जीआरपी अनुभाग में ऑपरेशन कनविक्शन में लगातार पैरवी से अभियुक्तों को सजा दिलवाई जा रही है। लगातार सजाएं मिलने से अपराधियों में खौफ भी बना हुआ है। अब तक 111 मामलों में 131 अपराधियों को सजा दिलवाई गई है।










