
- सीजीएसटी रिश्वत कांडः महिला आईआरएस समेत तीन अफसर निलंबित
- तीनों अफसरों की विभागीय जांच शुरु, नेटवर्क की हो रही है तलाश
Jhansi : केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने टैक्स चोरी के मामले में व्यापारी को राहत देने के लिए घूस लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार हुए तीन अफसरों को निलंबित कर दिया गया है। सीबीआईसी ने उपायुक्त को निलंबित किया है, जबकि सीजीएसटी कानपुर के कमिश्नर रोशन लाल ने दो अधीक्षकों को निलंबित किया है। निलंबित हुए तीनों अफसरों के खिलाफ विभागीय जांच की कार्रवाई शुरू की गई है। टैक्स छूट के उन पुराने मामलों की भी पड़ताल की जाएगी, जिन मामलों से इन अफसरों का संबंध रहा है।
सीबीआई ने 30 दिसंबर को झांसी में रिश्वतखोरी के रैकेट का भंडाफोड़ किया था। सीबीआई ने सीजीएसटी की उपायुक्त प्रभा भंडारी, अधीक्षक अनिल तिवारी और अधीक्षक अजय शर्मा को गिरफ्तार किया था। इनके साथ ही व्यापारी राजू मंगतानी और वकील नरेश गुप्ता को भी गिरफ्तार किया गया था। पांचों के खिलाफ केस दर्ज कर जेल भेजा गया है। बाद में झांसी को दो अन्य कारोबारियों लोकेश तोलानी और तेजपाल मंगतानी को भी इस केस में नामजद किया गया।
मामले को रफादफा करने के लिए की गई थी घूस की डिमांड
अभी तक सामने आई जानकारी के अनुसार जिस मामले को रफादफा करने के लिए घूस की डिमांड की गई थी, उसमें लगभग 23 करोड़ रुपए की टैक्स चोरी पकड़ी गई थी। सीजीएसटी के अफसरों ने मामले को रफा दफा करने के एवज में 1.5 करोड़ रुपये की डिमांड की थी। झांसी के ही एक व्यापारी ने डीलिंग की भनक लगने पर मामला सीबीआई तक पहुंचा दिया।
48 घंटे के भीतर होनी चाहिए थे निलंबन की कार्रवाई










