झांसी हत्याकांड: हत्या के बाद बेखौफ कातिल, बोला- कोई अफसोस नहीं, राख फेंक देता तो बच जाता

Jhansi : उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में सामने आए दिल दहला देने वाले प्रीति हत्याकांड का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा कर दिया है। सीपरी बाजार थाना क्षेत्र के ब्रह्मनगर इलाके में हुई इस जघन्य हत्या के मामले में पुलिस ने रिटायर्ड रेलकर्मी राम सिंह परिहार उर्फ बृजभान 64, उसकी दूसरी पत्नी गीता रायकवार और बेटे नितिन को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस गिरफ्त में आने के बाद आरोपी राम सिंह का बर्ताव सभी को हैरान कर गया। मीडिया के सामने वह न सिर्फ बेखौफ नजर आया, बल्कि हंसते हुए बोला“प्रीति को मारने के बाद बहुत खुश हूं, कोई अफसोस नहीं है। कुछ समय बाद जेल से छूटकर बाहर आ जाऊंगा।” उसके चेहरे पर न पछतावे के भाव थे, न ही अपराध का कोई डर।

चरित्र के शक और पैसों की मांग बनी हत्या की वजह

पूछताछ में राम सिंह ने बताया कि उसे प्रीति के चरित्र पर शक हो गया था। उसका कहना है कि प्रीति की एक फौजी से दोस्ती हो गई थी और वह उससे पैसे लेकर उसके साथ समय बिताती थी। इसी बात से नाराज होकर उसने उसकी हत्या की साजिश रच ली।

पुलिस के मुताबिक, प्रीति अक्सर राम सिंह से पैसे मांगती थी। कुछ दिनों से वह करीब ढाई से तीन लाख रुपये की मांग कर रही थी। पैसे न देने पर दुष्कर्म के मुकदमे में फंसाने की धमकी भी दी जा रही थी, जिससे राम सिंह तनाव में रहने लगा था।

शराब पार्टी के बाद कुल्हाड़ी से हत्या

आरोपी ने कबूल किया कि घटना वाले दिन उसने और प्रीति ने साथ बैठकर जमकर शराब पी। इसी दौरान राम सिंह ने कुल्हाड़ी से प्रीति के सिर पर ताबड़तोड़ वार कर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद वह दो दिन तक शव के साथ उसी कमरे में बंद रहा। जब शव से तेज बदबू आने लगी, तब उसने लकड़ियां मंगवाकर शव को जला दिया।

शव जलाकर भी नहीं मरा अफसोस

राम सिंह ने पुलिस को बताया कि शव जलाने के बाद भी उसे कोई पछतावा नहीं हुआ। उसने जले हुए अवशेष और अस्थियां एक बोरे में भर लीं। उसका इरादा था कि वह इन अस्थियों को प्रयागराज ले जाकर विसर्जित करे। इसी वजह से उसने अपना मुंडन भी करा लिया था। आरोपी ने यहां तक कहा कि अगर वह राख बाहर फेंक देता, तो किसी को हत्या की भनक तक नहीं लगती।

बक्से में भरकर शव ठिकाने लगाने की कोशिश

पुलिस के अनुसार, सबूत मिटाने के लिए राम सिंह ने पहले से नीले रंग का एक ड्रम खरीदा था, लेकिन शव भारी होने के कारण उसमें नहीं समा सका। इसके बाद वह लोहे का एक बड़ा बक्सा खरीद लाया। शव के टुकड़ों को उसी बक्से में भरकर जलाया गया, हालांकि कई टुकड़े अधजले रह गए।

करीब आठ दिन बाद, शव को ठिकाने लगाने के लिए उसने दूसरी पत्नी गीता रायकवार के बेटे नितिन को बुलाया। नितिन चार अन्य लोगों के साथ बक्से को लोडर में रखकर सैंयर गेट की ओर निकला। रास्ते में बदबू आने पर चालक को शक हो गया। इसी दौरान राम सिंह मौके से फरार हो गया।

ऑटो चालक की सतर्कता से खुला राज

सैंयर गेट पहुंचते ही चालक ने पुलिस को सूचना दे दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने बक्से से महिला के अधजले शव के टुकड़े और कोयला बरामद किया। इसके बाद पुलिस ने नितिन और गीता रायकवार को हिरासत में लिया और देर रात मुख्य आरोपी राम सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया।

परिवार भी बता रहा मानसिक रूप से विकृत

राम सिंह के परिजनों का कहना है कि वह मानसिक रूप से ठीक नहीं था। उसकी बड़ी बहू ने बताया कि दो शादियों के बाद भी वह प्रीति के साथ रहने लगा था और उसका व्यवहार पहले से ही असामान्य था।

तीन महिलाओं से रिश्ते, विवादों में घिरी जिंदगी

पुलिस के अनुसार, राम सिंह रेलवे में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी था। उसकी पहली पत्नी गीता परिहार नंदनपुरा में बेटे-बहू के साथ रहती है, जबकि दूसरी पत्नी गीता रायकवार सैंयर गेट के पास रहती है। कुछ साल पहले राम सिंह प्रीति के संपर्क में आया और उससे अवैध संबंध बना लिए। वह प्रीति पर अपनी पूरी पेंशन खर्च करता था और उसके लिए गहने भी बनवाता था।

पुलिस की कार्रवाई जारी

फिलहाल पुलिस तीनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है और हत्या, साक्ष्य मिटाने व साजिश से जुड़ी धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी है। यह मामला न सिर्फ रिश्तों में अपराध की भयावह तस्वीर पेश करता है, बल्कि समाज को झकझोर देने वाली चेतावनी भी है।

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