
- ओटीएस के शिथिल पर्यवेक्षण पर डीएम ने नाराजगी व्यक्त की
- बिजली आपूर्ति में लापरवाही स्वीकार्य नहीं
Jhansi : जिलाधिकारी मृदुल चौधरी ने आज कलेक्ट्रेट नवीन सभागार में जनप्रतिनिधियों के साथ जनपद में आगामी गर्मी को दृष्टिगत रखते हुए पर्याप्त विद्युत उपलब्धता एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति को लेकर विभागीय अधिकारियों के साथ गहन मंथन किया। विभागीय कार्यों की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी पूर्ण क्षमता और संवेदनशीलता के साथ कार्य करें, ताकि जनपदवासियों को भीषण गर्मी में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित कर राहत दी जा सके।
जनप्रतिनिधियों के साथ विद्युत विभाग द्वारा महानगर की विद्युत व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से आयोजित बैठक में जिलाधिकारी मृदुल चौधरी ने प्रीपेड प्रक्रिया के संबंध में एजेंसी से जानकारी ली। उन्हें बताया गया कि उपभोक्ता जितनी विद्युत खपत करेगा, उतना ही बिल आएगा। स्मार्ट मीटर से संबंधित हो रही गड़बड़ियों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि स्मार्ट मीटर की गड़बड़ी के कारण यदि उपभोक्ता द्वारा विद्युत बिल जमा नहीं किया जाता है, तो उसका विद्युत संयोजन नहीं काटा जाए। उन्होंने एआईएमपीएस एजेंसी के पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि बिल जनरेट करने से संबंधित एप की जानकारी का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए तथा प्रत्येक उपभोक्ता को इसकी जानकारी उपलब्ध कराई जाए, ताकि उपभोक्ता उक्त एप को डाउनलोड कर विद्युत बिल का भुगतान कर सकें।
विभागीय कार्यों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जनपद में विद्युत उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए शासन द्वारा संचालित एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) का निर्धारित रोस्टर के अनुसार व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, जिससे अधिक से अधिक उपभोक्ता जागरूक होकर योजना का लाभ उठा सकें। ओटीएस योजना की समीक्षा करते हुए उन्होंने ग्रामीण एवं नगर क्षेत्र के व्यस्ततम चौराहों पर शिविर आयोजित कर उपभोक्ताओं को जानकारी देने के निर्देश दिए। साथ ही विभागीय अधिकारियों को ओटीएस से संबंधित जानकारियां पंपलेट के माध्यम से तथा समाचार पत्रों के जरिए उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।
जिलाधिकारी मृदुल चौधरी ने झांसी महानगर में आगामी ग्रीष्म ऋतु के दौरान निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने की कार्ययोजना पर चर्चा करते हुए फीडर वाइफरकेशन तथा नगर क्षेत्र के प्रत्येक उपकेंद्र की क्षमता वृद्धि की जानकारी ली। उन्होंने ओवरलोडिंग समाप्त करने के लिए नए ट्रांसफार्मर स्थापित करने हेतु भूमि की उपलब्धता, नई विद्युत लाइनों के निर्माण सहित अन्य आवश्यक कार्यों की समीक्षा की।
बैठक में अधीक्षण अभियंता नगरीय पुष्कर सिंह ने झांसी महानगर की विद्युत व्यवस्था की जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में झांसी महानगर को दो पारेषण उपकेंद्रों से विद्युत आपूर्ति की जा रही है। उन्होंने बताया कि 220 केवी उपकेंद्र झांसी पर वर्तमान में स्थापित क्षमता 120 एमवीए है, जिसकी क्षमता वृद्धि कर 166 एमवीए किए जाने का प्रस्ताव ट्रांसमिशन मुख्यालय द्वारा अनुमोदित किया जा चुका है। इससे 46 एमवीए की अतिरिक्त क्षमता प्राप्त होगी। उक्त कार्य ग्रीष्म काल से पूर्व पूर्ण किए जाने का लक्ष्य है।
अधीक्षण अभियंता नगरीय ने बताया कि झांसी महानगर में बढ़ते विद्युत भार को देखते हुए एक नए 220/132/33 केवी पारेषण उपकेंद्र के लिए प्रस्ताव पारेषण विंग द्वारा उत्तर प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन के मुख्यालय को भेजा जा चुका है। इस संबंध में मुख्यालय द्वारा मांगी गई वांछित सूचनाएं निर्धारित प्रारूप में भरकर प्रेषित कर दी गई हैं।
बैठक में विद्युत नगरीय वितरण खंड-1 के अंतर्गत संचालित 33/11 केवी उपकेंद्र सीपरी, हाइडिल कॉलोनी, जेल चौराहा, मुन्नालाल पावर हाउस, सूती मिल, रानीमहल, पुलिया नंबर-09 एवं उन्नाव गेट तथा विद्युत नगरीय वितरण खंड-2 के अंतर्गत ग्रुप सेंटर बिजौली, हंसारी, न्यू गल्ला मंडी, गल्ला मंडी ओल्ड, नंदनपुरा एवं नगरा के ट्रांसफार्मरों से संबंधित विद्युत आपूर्ति की जानकारी दी गई। इसके अतिरिक्त उन्होंने आगामी ग्रीष्म ऋतु में झांसी नगर में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित किए जाने की कार्ययोजना के संबंध में भी जिलाधिकारी एवं जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष पवन गौतम, सांसद प्रतिनिधि अतुल अग्रवाल, मुख्य अभियंता के. पी. खान, अधीक्षण अभियंता ग्रामीण अफरोज आलम, अधीक्षण अभियंता नगरीय पुष्कर सिंह, अधिशासी अभियंता नगर प्रथम वी. पी. सिंह, अधिशासी अभियंता ग्रामीण प्रथम रमाकांत दीक्षित, अधिशासी अभियंता ग्रामीण द्वितीय सुभाष चंद्र, अधिशासी अभियंता नगरीय द्वितीय रविंद्र कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।











