
झांसी। डेढ़ करोड़ रुपयों की घूसखोरी के मामले में केंद्रीय वस्तु एवं सेवाकर (सीजीएसटी) के झांसी कार्यालय में तैनात कई और अधिकारी व कर्मचारी सीबीआई की रडार पर हैं। इन पर सीबीआई ने नजर रखना शुरु कर दिया है। हर प्रकार की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही हैं। बताया गया है कि बीते रोज गिरफ्तार डिप्टी कमिश्नर सहित अन्य आरोपियों ने कई और अधिकारियों व कर्मचारियों के नाम बताए हैं। आने वाले दिनों में उक्त मामले में कुछ और अधिकारियों व कर्मचारियों को गिरफ्तार किया जा सकता है। यही नहीं, सीबीआई द्वारा अदालत में जैसे ही आरोप पत्र दाखिल किया जाएगा, उसी दिन अफसरों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया जाएगा।
कर्मचारी के माध्यम से होती थी डील, मिलता था घूस की राशि का दस प्रतिशत का हिस्सा
सीबीआई ने डेढ़ करो़ड़ रुपए की घूसखोरी के मामले में सीजीएसटी कार्यालय में तैनात डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी समेत पांच आरोपियों को गुरुवार को गिरफ्तार किया था। कारोबारियों से टैक्स चोरी के बदले मोटी रकम घूस के रुप में लेने वाली डिप्टी कमिश्नर ने अपने अधीन तैनात अनिल कुमार तिवारी और अजय शर्मा के अलावा तीन और कर्मचारियों की मदद घूसखोरी में लेती थीँ। जिस कर्मचारी के माध्यम से डील होती थी, उसे भी घूस की राशि का दस प्रतिशत हिस्सा दिया था।
कर्मचारियों व व्यापारियों के साथ मिलकर चलता था गिरोह
बताते हैं कि इन कर्मचारियों ने कुछ व्यापारियों के साथ मिलकर गिरोह तैयार किया था जो टैक्स चोरी के मामले में दलाली करता था। सीबीआई की पूछताछ में यह तथ्य भी सामने आया है कि घूसखोरी की राशि का एक हिस्सा डिप्टी कमिश्नर अपने ऊपर भी किसी अधिकारी को पहुंचाती थी। यह अधिकारी कौन है इसकी जानकारी सीबीआई नहीं उगलवा पाई है।
झांसी से सभी पुराने सीजीएसटी कार्मिक हटाए जाएंगे
झांसी में लंबे समय से सीजीएसटी में तैनात कार्मिकों को अब स्थानांतरित करने की भी तैयारी है। डिप्टी कमिश्नर के पिछले कई सालों से झांसी में जमे रहने के बारे में बताया जाता है कि बीच में एक – दो साल वर्ष के लिे वहां से स्थानांतरण के बाद फिर उनकी तैनाती झांसी में होती रहती है।
जेल में जाकर होगी पूछताछ
बताते हैं कि गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों को अदालत में पेश करके जेल भेज दिया गया है। इसलिए सीबीआई के अधिकारी ज्यादा पूछताछ नहीं कर पाए हैं। सीबीआई के अधिकारी सोमवार को जेल में गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ करेंगे। इसके बाद कुछ और जानकारी सामने आएगी।
जा सकती हैं नौकरियां
बताते हैं कि डिप्टी कमिश्नर प्रभा का निलंबन वित्त मंत्रालय से तथा दोनों कर अधीक्षक अनिल तिवारी और अजय कुमार शर्मा का निलंबन कानपुर के विभागीय कमिश्नर द्वारा किया जाएगा। सीबीआइ की चार्जशीट में विभाग के अन्य जिन अधिकारियों व कर्मचारियों के नाम आएंगे उनके खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई की जाएगी। आरोप सही पाए जाने पर दोषियों को सेवा से बर्खास्त तक किया जा सकता है।
रिश्वतखोरी में दो और कारोबारियों पर मुकदमा दर्ज
घूसखोरी के मामले में सीबीआई ने दो और कारोबारियों जय अंबे प्लाईवुड फर्म के लोके तोलानी और जय दुर्गा हार्डवेयर फर्म के तेजपाल मंगतानी समेत अन्य को भी प्राथमिकी में नामजद किया है। सीबीआई की जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार वकील नरेश कुमार गुप्ता जीएसटी अफसरों के बिचौलिये के रुप में कारोबारियों के मामले में रफा-दफा करने के बदले लाखों रुपये की घूस ले रहा था। जीएसटी अफसरों ने 18 दिसंबर को दो कारोबारियों मेसर्स जय अंबे प्लाईवुड और मेसर्स जय दुर्गा हार्डवेयर के कार्यालय और गोदाम पर छापेमार कर टैक्स चोरी के सुराग जुटाए थे।
डिप्टी कमिश्नर का मुखबिर था अधीक्षक अनिल तिवारी
बताते है कि डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी का अधीक्षक अनिल तिवारी मुखबिर था। वह हर तरह की गतिविधियों के बारे में मैडम को जानकारी देता रहता था। बताते हैं कि वकील ने जब अधीक्षक अऩिल कुमार तिवारी से संपर्क किया तो उसने बताया कि दोनों फर्मों के खिलाफ टैक्स चोरी े तमाम सबूत मिले हैं।जबकि डिप्टी कमिश्नर प्रभार भंडारी ने मदद करने का आश्वासन दिया था। इसके बाद कारोबारी लोकेश तोलानी, राजू मंगतानी, अधीक्षक अनिल तिवारी और अजय शर्मा के घर जाकर मिले थे। तेजपाल मंगतानी के कहने पर राजू मंगतानी ने वकील को घूस के तीस लाख रुपए दिए थे। राजू ने झांसी निवासी जगदीश बजाजे से चालीस लाख रुपए का इंतजाम करने को कहा था।










