झांसी : रेलवे स्टेशन के वेटिंग रूम में गूंजी किलकारी

झांसी। रेलवे की मानवीय संवेदनाओं और तत्परता का एक अनुपम उदाहरण उस समय सामने आया। जब गाड़ी संख्या 20807 से यात्रा कर रही एक महिला यात्री को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। घटना वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या 4 की है, जहाँ महिला को तत्काल ट्रेन से उतारा गया और समय रहते चिकित्सा सहायता उपलब्ध करवाई गई।

रेल सुरक्षा बल के सहायक उप निरीक्षक दर्शन सिंह मीणा, सहायक उप निरीक्षक विश्राम हमराह महिला कांस्टेबल उमा सिकरवार, महिला कांस्टेबल शीला, महिला कांस्टेबल मोनिका के साथ गाड़ी संख्या 20807 को अटेंड कर रहे थे। इसी दौरान ड्यूटी एक पुरुष यात्री जिसका नाम बलदेव निवासी ग्राम नांगल फरीद जिला होशियारपुर पंजाब ने बताया कि वह अमृतसर तक कोच एस-7 की सीट संख्या 12,13 पर यात्रा कर रहा था, तभी उसकी पत्नी पूनम को लेबर पेट दर्द हो रहा है। वह आगे की यात्रा नहीं कर पाएगी उसे इलाज की जरूरत है। इसकी जानकारी वरिष्ठ सीसीटीसी सुनील यादव, वरिष्ठ सीसीटीसी सारिका सचान को हुई तो तुरंत डिप्टी स्टेशन सुप्रिटेंडेंट एन.के. कदम को सूचना दी।

इस सूचना से डिप्टी एसएस कॉमर्शियल एन के कदम को अवगत कराते हुए बाद हमराह स्टाफ के साथ उपरोक्त महिला यात्री को कोच से उतर कर व्हीलचेयर से डिप्टी से कॉमर्शियल ऑफिस लाया गया। बाद मौके पर रेलवे हॉस्पिटल झांसी के डॉक्टर अभिषेक मय नर्स उपस्थित हुए। महिला यात्री को महिला वेटिंग रूम में हमराह स्टाफ के साथ ले जाया गया। बाद नर्स के द्वारा उपरोक्त महिला यात्री की डिलीवरी कराई गई। जिसने नवजात शिशु लड़के को समय करीबन 10:49 बजे जन्म दिया। डॉक्टर ने बताया कि जच्चा – बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। बाद उपरोक्त डॉक्टर के द्वारा मेडिकल कॉलेज झांसी के लिए रेफर किया गया। इस संपूर्ण प्रक्रिया में 6/14 स्विफ्ट टीम के सभी चेकिंग स्टाफ और सुरक्षा बलों ने अनुकरणीय समन्वय और मानवीय सेवा भावना का परिचय दिया। यात्रियों और आमजन द्वारा रेलवे कर्मचारियों की तत्परता, संवेदनशीलता एवं कर्तव्यनिष्ठा की प्रशंसा की जा रही है।

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