
देश के लाखों इंजीनियरिंग छात्रों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। आईआईटी में दाखिले का सपना देख रहे अभ्यर्थियों के लिए जेईई एडवांस्ड 2026 की तारीख तय कर दी गई है। इस साल यह प्रतिष्ठित परीक्षा 17 मई 2026 को आयोजित होगी। जेईई मेन 2026 के परिणाम के आधार पर करीब 2.5 लाख छात्र इस परीक्षा में शामिल हो सकेंगे। इस बार जेईई एडवांस्ड के आयोजन की जिम्मेदारी आईआईटी रुड़की को सौंपी गई है।
हर साल की तरह इस बार भी सिर्फ उन्हीं छात्रों को जेईई एडवांस्ड में बैठने का मौका मिलेगा, जिन्होंने जेईई मेन में बेहतर प्रदर्शन किया होगा। विभिन्न श्रेणियों के लिए पात्र छात्रों की संख्या पहले से निर्धारित होती है, लेकिन पिछले वर्षों के अनुभव को देखते हुए यह आंकड़ा 2.5 लाख से थोड़ा अधिक भी हो सकता है। इसकी मुख्य वजह टाई की स्थिति होती है, जब दो या उससे ज्यादा छात्रों के अंक समान होते हैं।
टाई की स्थिति में रैंक तय करने के लिए विशेष नियम लागू होते हैं। सबसे पहले छात्रों के पॉजिटिव अंकों की तुलना की जाती है, क्योंकि जेईई एडवांस्ड में नेगेटिव मार्किंग भी होती है। यदि इसके बाद भी बराबरी रहती है, तो पहले गणित, फिर फिजिक्स के अंकों को देखा जाता है। इन सभी मानकों के बाद भी अगर स्कोर समान रहता है, तो ऐसे छात्रों को एक ही रैंक प्रदान की जाती है।
पिछले वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो 2024 में करीब 2,50,284 छात्र जेईई एडवांस्ड की दौड़ में शामिल थे, जबकि 2025 में यह संख्या 2,50,236 रही। 2025 में कटऑफ अपेक्षाकृत कम रहा था, जिससे कई छात्रों को फायदा मिला। इसी तरह इस बार भी छात्रों को उम्मीद है कि अच्छी तैयारी के दम पर उन्हें आईआईटी में दाखिले का मौका मिल सकता है।
जेईई एडवांस्ड 2026 के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 23 अप्रैल 2026 से शुरू होगी और 2 मई 2026 तक चलेगी। योग्य उम्मीदवार ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। परीक्षा एक ही दिन में दो शिफ्ट में आयोजित की जाएगी। पहली शिफ्ट सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी शिफ्ट दोपहर 2:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक होगी। दोनों पेपर देना अनिवार्य होगा, किसी एक पेपर में अनुपस्थित रहने पर रैंक नहीं दी जाएगी।
परीक्षा के नियमों के मुताबिक, जेईई एडवांस्ड में बैठने के लिए उम्मीदवार की जन्म तिथि 1 अक्टूबर 2001 या उसके बाद की होनी चाहिए। आरक्षित वर्ग के छात्रों को उम्र सीमा में नियमानुसार छूट मिलेगी। इसके अलावा, कोई भी छात्र अधिकतम दो बार और वह भी लगातार दो वर्षों में ही जेईई एडवांस्ड दे सकता है। जो छात्र पहले ही दो बार यह परीक्षा दे चुके हैं, उन्हें दोबारा मौका नहीं मिलेगा।















