Jalaun : दहेज हत्या में मुख्य आरोपी को आजीवन कारावास, सहयोगियों को तीन तीन साल की सजा

Jalaun : उरई दहेज हत्या के मामले में दोष सिद्ध होने पर एक को आजीवन कारावास और तीन लोगों को तीन तीन साल की सजा और एक को चार साल की सजा व सभी पर डेढ़ लाख रुपये जुर्माना लगाया कोंच कोतवाली क्षेत्र के आराजी लाइन मुहल्ला निवासी रसूल अहमद ने 28 फरवरी 2011 को पुलिस को बताया यूसुफ उर्फ रहीस उसके घर के पास बने बगीचे में दो वर्षों से रह रहा था। इस कारण उसके घर में उसका आना जाना था। उसने उनकी पुत्री को शादी का झांसा देकर प्रेमजाल में फंसा लिया। इसके बाद वह 4 सितंबर 2009 को वह शपथ पत्र बनवाकर पुत्री को शादी का विश्वास दिलाकर घर ले गया। उसने कहा कि वह मुस्लिम रीति रिवाज से उसके साथ निकाह करेगा।

जिसमें लल्लू पुत्र रहीम, इस्माइल महते पुत्र रहीम, इस्माइल के पुत्र हनीफ, पुत्रियों नाजिरा व फातिमा ने इसमें सहयोग दिया था। यूसुफ उर्फ रहीस बगैर निकाह किए उसके साथ लंबे समय तक दुष्कर्म करता रहा। जब उसने शादी का दबाव बनाया तो यूसुफ समेत सभी आरोपितों ने मिलकर उससे बेटी की शादी के नाम पर दहेज में दो लाख रुपये व सभी सामान देने की बात कही। साथ ही पुत्री के साथ वह लोग मारपीट भी करने लगे। 26 जनवरी 2011 की शाम यूसुफ समेत सभी लोगों ने मिलकर उनकी पुत्री के साथ मारपीट की और उसे जहर खिला दिया। मरणासन्न हालत में सभी मिलकर पुत्री को बगीचे के दरवाजे पर छोड़कर भाग गए। आसपास के लोगों ने जब युवती को बगीचे के गेट पर बेसुध हालत में देखा तो उसकी नाक व कई हिस्सों से खून निकल रहा था। इस पर वह पुत्री को इलाज के लिए तुरंत सीएचसी ले गया जहां से उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया जहां 27 जनवरी 2011 को उसकी मौत हो गई। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया और विसरा प्रयोगशाला आगरा भेजा था।

जहां से आरगेनोक्लोरो इन्सैक्टीसाइड जहर (कीटनाशक) खाने से मौत पुष्टि हुई थी। पिता की शिकायत पर पुलिस ने यूसुफ उर्फ रहीस, लल्लू पुत्र रहीम, इस्माइल महते पुत्र रहीम, इस्माइल के पुत्र हनीफ, पुत्रियों नाजिरा व फातिमा पर अपहरण कर जानलेवा हमले की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरु कर दी थी। पुलिस ने विवेचना में इस्माइल के पुत्र हनीफ व पुत्री नाजिरा को बाहर कर दिया था। यूसुफ, इस्माइल व फातिमा का नाम चार्जशीट में शामिल कर 2 मई 2012 को न्यायालय में पेश कर दिया था। मुकदमा ट्रायल के दौरान लल्लू पुत्र रहीम की मौत हो गई।

गुरुवार को मुकदमा की सुनवाई पूरी हुई तो न्यायालय स्पेशल जज डकैती डा. अवनीश कुमार ने अपहरण व हत्या के दोषी यूसुफ उर्फ रहीस को आजीवन कारावास व 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। जबकि इस्माइल महते को तीन साल की सजा व 30 हजार रुपये जुर्माना, फातिमा को चार वर्ष की सजा व 30 हजार रुपये जुर्माना का अर्थदंड लगाया। जुर्माने की आधी धनराशि प्रतिकर के रूप में मृतका के पिता को मिलेगी।

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