Jalaun : बाल विवाह मुक्त भारत अभियान को सफल बनाने के निर्देश

Jalaun : जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय की अध्यक्षता में विकास भवन उरई स्थित रानी लक्ष्मीबाई सभागार में “बाल विवाह मुक्त भारत” राष्ट्रीय जागरूकता अभियान के संबंध में बैठक आयोजित की गई। बैठक में महिला कल्याण विभाग द्वारा 27 नवंबर 2025 से 08 मार्च 2026 तक संचालित अभियान की प्रगति की समीक्षा की गई और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने कहा कि बाल विवाह एक गंभीर सामाजिक कुरीति और दंडनीय अपराध है, जो बच्चों, विशेषकर बालिकाओं, के शारीरिक, मानसिक एवं शैक्षिक विकास को बाधित करता है। इसे समाप्त करने के लिए प्रशासन के साथ-साथ समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिए कि अभियान के अंतर्गत ग्राम पंचायतों, शहरी वार्डों, विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों, स्वयं सहायता समूहों एवं सार्वजनिक स्थलों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएँ। साथ ही पोस्टर, बैनर, शपथ कार्यक्रम, जनसभाएँ और संवाद के माध्यम से आमजन को बाल विवाह के दुष्परिणामों और कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी जाए।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि बाल विवाह की किसी भी सूचना पर त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित की जाए और आवश्यकता पड़ने पर पुलिस, शिक्षा, स्वास्थ्य, पंचायतीराज एवं महिला कल्याण विभाग के बीच आपसी समन्वय से तत्काल हस्तक्षेप किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि संवेदनशील ग्रामों एवं परिवारों की विशेष निगरानी की जाए, ताकि बाल विवाह की घटनाओं को समय रहते रोका जा सके।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि किशोरियों को शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जाए, जिससे बाल विवाह की संभावनाएँ न्यूनतम हों। उन्होंने महिला कल्याण विभाग को अभियान की नियमित समीक्षा और प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए। सभी संबंधित अधिकारियों से अनुरोध किया गया कि बाल विवाह मुक्त जनपद के लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु अभियान को जन-आंदोलन के रूप में संचालित किया जाए।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी केके सिंह, नगर मजिस्ट्रेट राजेश कुमार वर्मा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी देवेंद्र भिटौरिया, प्रभारी प्रोबेशन अधिकारी निशांत पांडेय, डीआईओएस राज कुमार पंडित, बीएसए चंद्रप्रकाश सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

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