
Jalaun : उरई के कोटरा थाना क्षेत्र में घर में घुसकर मारपीट और अपमानित करने के मामले में न्यायालय ने दोषी पाए गए एक आरोपी को चार वर्ष की कैद और सात हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई, जबकि दो अन्य आरोपियों को बरी कर दिया गया।
घटना 18 अक्टूबर 2020 की है। शिकायतकर्ता रानी, पुत्री चंद्रशेखर ने बताया कि वह सुबह सात बजे अपनी मां मुन्नी देवी के साथ भैंस के लिए लिहड़ोरी बना रही थी। इसी दौरान पड़ोसी मानसिंह, गिरधारी और पर्वत आए और गाली-गलौज करने लगे। रानी और उसकी मां घर के अंदर चली गईं, लेकिन आरोपी घर में घुस आए और रानी, उसकी मां मुन्नी देवी, पिता चंद्रशेखर और भाई अरविंद्र को खींचकर बाहर ले गए। इसके बाद उन्होंने लाठी-डंडों से मारपीट की और जातिसूचक गालियां देते हुए जान से मारने की धमकी दी।
पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट सहित अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की और कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। छह साल चले ट्रायल के बाद सोमवार को सुनवाई पूरी हुई। विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट सुरेश कुमार गुप्ता ने गवाहों के बयान, सबूतों और दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस के आधार पर मानसिंह को दोषी ठहराते हुए चार वर्ष की सजा और सात हजार रुपये जुर्माना लगाया। वहीं गिरधारी और पर्वत को सभी आरोपों से बरी कर दिया गया।










