
जयपुर : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में शनिवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में राज उन्नति की प्रथम बैठक आयोजित हुई। इस दौरान उन्होंने लगभग 2 हजार करोड़ रुपये की 7 परियोजनाओं और 2 योजनाओं पर चर्चा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को परियोजनाओं एवं योजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए निर्देशित किया। साथ ही, उन्होंने आमजन की परिवेदनाओं पर अधिकारियों से फीडबैक लेते हुए उन्हें राहत पहुंचाई।
शर्मा ने जिला कलक्टर्स को निर्देश दिए कि आमजन की परिवेदनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए उनका समय पर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। लंबित परिवादों के निस्तारण के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि राजकीय विभागों और कार्यालयों में आमजन के कार्य पूर्ण पारदर्शिता के साथ किए जाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जवाबदेहिता के साथ विकास कार्यों को समय पर पूरा किया जाए। परियोजनाओं एवं योजनाओं के क्रियान्वयन में कोताही बरतने पर लापरवाह अधिकारियों और कार्मिकों पर सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि विभाग बेहतर सामंजस्य स्थापित करते हुए परियोजनाओं को गति प्रदान करें, जिससे लागत में वृद्धि न हो और लक्षित को राहत मिल सके।
मुख्यमंत्री ने राजस्थान सम्पर्क हेल्पलाइन के चयनित परिवादियों से उनके परिवाद निस्तारण पर फीडबैक लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन राज्य सरकार की नीतियों और योजनाओं का केन्द्र बिंदु है। अधिकारी पूरी जिम्मेदारी के साथ राजकीय दायित्वों का निर्वहन करें। उन्होंने कहा कि शासन सचिव, संभागीय आयुक्त, जिला कलक्टर्स राजस्थान सम्पर्क हेल्पलाइन पर प्राप्त परिवादों का नियमित सत्यापन करें। शर्मा ने मुख्य सचिव को अधिकारियों के लिए सत्यापन के प्रकरणों की सीमा तय करने के लिए निर्देशित किया। इस दौरान परिवादियों ने मुख्यमंत्री को राजस्थान सम्पर्क हेल्पलाइन के प्रभावी संचालन के लिए धन्यवाद दिया।
शर्मा ने जिला कलक्टर्स को विकास कार्यों में आवश्यक भू-आवंटन पर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भूमि आवंटन के बाद शीघ्र निविदा जारी कर कार्य प्रारंभ किया जाए। जिन स्थानों पर न्यूनतम मापदंडों के अनुरूप भूमि उपलब्ध नहीं है, वहां चरणबद्ध रूप से क्रियान्विति की जाए। उन्होंने जिला कलक्टर्स एवं सचिवों को प्रोएक्टिव एप्रोच के साथ प्रकरणों के निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री ने पीएम सूर्यघर 150 यूनिट मुफ्त बिजली योजना में अपेक्षित गति लाने के उद्देश्य से कैशलेस वैकल्पिक मॉडल पर शीघ्र कार्य करने के लिए निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऊर्जा विभाग एवं जिला कलक्टर्स आईईसी गतिविधियां और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर उपभोक्ताओं को रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित करें। शर्मा ने अधिकारियों को योजना में राजस्थान को सिरमौर बनाने के लिए निर्देशित किया।
शर्मा ने अधिकारियों को जले हुए और खराब ट्रांसफार्मर्स को निर्धारित समय में बदलने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष योग्यजन पेंशनर्स का वार्षिक सत्यापन शत प्रतिशत शीघ्र सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके लिए प्रशासन को आवश्यक होने पर दिव्यांगजनों के घर जाने के लिए भी निर्देशित किया। उन्होंने पालनहार योजना में पालनकर्ता एवं बच्चों के शत प्रतिशत वार्षिक सत्यापन सुनिश्चित करते हुए योजना में लंबित भुगतान को जारी करने के निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री ने जयपुर के हीरापुरा बस टर्मिनल में बस रूटों के निर्धारण और यात्रियों के लिए शेड, पेयजल, पार्किंग सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं से संबंधित कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने जयपुर जिला कलक्टर, जयपुर विकास आयुक्त एवं जयपुर नगर निगम आयुक्त को बस टर्मिनल से सुचारू यातायात सुनिश्चित करने के क्रम में आवश्यक कार्यवाही करने के लिए निर्देशित किया। इस दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि बस टर्मिनल से रोडवेज एवं लोक परिवहन बसों का संचालन प्रारंभ हो चुका है तथा टैªफिक कंट्रोल बोर्ड द्वारा नियमित मॉनिटरिंग भी की जा रही है।
शर्मा ने अजमेर-चंदेरिया ब्रॉडगेज दोहरीकरण परियोजना के संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिए कि अजमेर, ब्यावर, भीलवाड़ा एवं चित्तौड़गढ़ जिलों में भूमि अधिग्रहण से संबंधित प्रक्रिया शीघ्र पूरी की जाएं।
मुख्यमंत्री ने श्रीगंगानगर, केसरीसिंहपुरा, श्रीकरणपुर, कोटा उत्तर, कोटा दक्षिण एवं सांगोद में सॉलिड वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट, 65 निकायों में फिकल स्लेज ट्रीटमेंट प्लांट (एफएसटीपी), लोहावट (फलोदी) में खेल स्टेडियम, लाडनूं में उप जिला चिकित्सालय, कोटा, अजमेर और भरतपुर जिलों में बालिका सैनिक स्कूलों की स्थापना की प्रगति की विस्तृत चर्चा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने जिला कलक्टर्स को पीएमश्री योजना के रैकिंग के मापदंडों को पूरा करने के लिए प्रभावी योजना बनाने के लिए निर्देशित किया।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर राज उन्नति की पहल की गई है। इनमें चयनित परियोजनाओं, योजनाओं एवं कार्यों की विस्तृत चर्चा की जाएगी, जिससे प्रदेश के विकास को नई गति मिल सके। साथ ही, आमजन से जुड़े कार्यों और परिवेदनाओं को भी इसमें शामिल किया गया है।
बैठक में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, अतिरिक्त मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय अखिल अरोड़ा उपस्थित रहे। वहीं पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा सहित संबंधित अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रमुख शासन सचिव, शासन सचिव, संभागीय आयुक्त, जिला कलक्टर्स वीसी के माध्यम से बैठक से जुड़े।












