ईरान में अशांति का दसवां दिन, 92 शहरों में प्रदर्शन, अब तक 36 की मौत

तेहरान। ईरान में अशांति के दसवें दिन विरोध प्रदर्शन के दौरान अब तक कम से कम 36 लोग मारे गए। महंगाई के खिलाफ सड़क पर उतरे लोग देश के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के खिलाफ खुलकर सामने आ गए हैं। आंदोलन ने खामेनेई का तख्त-ओ-ताज हिला दिया है। अशांति की लपटों से पवित्र शहर कोम तक अछूता नहीं रहा। इलम प्रांत में प्रदर्शन के दौरान एक सरकारी सुपर मार्केट पर लोगों ने धावा बोल कर सामान जमीन पर बिखेरते हुए जीत का निशान दिखाया।

ईरान इंटरनेशनल की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका की ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी ने दावा किया है कि ईरान में चल रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान कम से कम 36 लोग मारे गए। अशांति के दसवें दिन देशभर के 92 शहरों में 285 जगहों पर व्यापारियों ने हड़ताल की। 28 दिसंबर को अशांति शुरू होने के बाद से कम से कम 34 प्रदर्शनकारी और ईरानी सुरक्षा बलों के दो जवान मारे गए हैं। मारे गए लोगों में से चार की आयु 18 साल से कम है। दर्जनों प्रदर्शनकारी घायल हुए हैं। अशांति की लपटों में घिरे 27 प्रांतों के नागरिक बेखौफ होकर प्रदर्शन में शामिल हो रहे हैं। सुरक्षा बलों ने 2,000 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है।

अशांति के दसवें दिन मशहद के वाणिज्यिक केंद्रों और तेहरान के ग्रैंड बाजार के व्यापारी भी प्रदर्शन में शामिल हो गए। सुरक्षा बलों ने प्रमुख वाणिज्यिक केंद्रों के आसपास प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए आंसू गैस के गोले दागे। पश्चिमी ईरान में कुर्द-बहुल इलम प्रांत मंगलवार को विरोध प्रदर्शनों का केंद्र बना रहा। मलिकशाही शहर में मारे गए प्रदर्शनकारियों के अंतिम संस्कार के दौरान सरकार विरोधी प्रदर्शन हुए। अब्दनान शहर में भीड़ सुप्रीम लीडर के खिलाफ नारे लगाते हुए सड़कों पर उतरी।

सात ईरानी कुर्द विपक्षी पार्टियों ने देशव्यापी विरोध प्रदर्शन का समर्थन किया है। उन्होंने गुरुवार को आम हड़ताल का संयुक्त आह्वान किया है। पार्टियों ने सभी राजनीतिक दलों और नागरिक संगठनों से इस्लामिक रिपब्लिक शासन के अपराधों के खिलाफ एकजुट और सामूहिक रुख अपनाने और इस आह्वान में शामिल होने की अपील की। निर्वासित राजकुमार रजा पहलवी ने भी मंगलवार को एक वीडियो संदेश में विरोध प्रदर्शनों का समर्थन किया गया है।

इस दौरान सुरक्षा बल के जवान दो अस्पतालों में घुसे। चश्मदीदों ने बताया कि इमाम खुमैनी अस्पताल के अंदर आंसू गैस के गोले दागे गए। सुरक्षा बलों ने मालेकशही से लाए गए घायल प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार करने की कोशिश की। तेहरान में भी सुरक्षाकर्मी सीना अस्पताल में घुस गए और घायल प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। ईरान सरकार ने कहा कि उसने इलम में हुई अशांति की जांच के आदेश दिए हैं।

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