
धर्मशाला। परिजनों के अनुसार उसका विभिन्न अस्पतालों में इलाज करवाया, लेकिन 26 दिसंबर 2025 को उपचार के दौरान लुधियाना के एक अस्पताल में उसकी मौत हो गई। शिकायतकर्ता का कहना है कि बेटी की गंभीर बीमारी और सदमे की स्थिति के कारण वह पहले पुलिस को सूचना नहीं दे सके। परिजनों ने 20 दिसंबर को सीएम हेल्पलाइन पर भी शिकायत दी थी। सीएम हेल्पलाइन कार्यालय से मामला जांच के लिए पुलिस थाना धर्मशाला भेजा गया था। पुलिस ने कॉलेज जाकर आरोपी छात्राओं और कॉलेज प्रशासन से पूछताछ की थी।
पुलिस को छात्रा के पिता की शिकायत प्राप्त हुई है। परिजनों की ओर से जिन छात्राओं और प्रोफेसर पर आरोप लगाए गए हैं, उनसे पूछताछ की जाएगी। पुलिस मामले की जांच कर रही है। –अशोक रत्न, एसपी कांगड़ा
वर्तमान में कॉलेज की छात्रा नहीं थी
धर्मशाला कॉलेज के प्रिंसिपल राकेश पठानिया का कहना है कि मृतक छात्रा पिछले वर्ष कॉलेज में प्रथम वर्ष की छात्रा थी, लेकिन परीक्षा में असफल हो गई थी। इसके बाद वह द्वितीय वर्ष में दाखिले की मांग कर रही थी। विवि के नियमों के अनुसार किसी भी फेल विद्यार्थी को अगली कक्षा में दाखिला नहीं दिया जा सकता। फेल होने और अगली कक्षा में दाखिला नहीं मिलने से वह डिप्रेशन में थी। कॉलेज प्रशासन को छात्रा के परिजनों ने न तो लिखित और न मौखिक शिकायत दी है। कॉलेज शिक्षकों ने छात्रा के परिजनों पर धमकाने के आरोप लगाए थे, जिसकी मौखिक शिकायत की गई थी।
वहीं, छात्रा की मौत पर नेता विपक्ष जयराम ठाकुर ने दुख जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि ‘कांगड़ा में बिटिया पल्लवी की मृत्यु अत्यंत दुःखद और पीड़ादायक है। बिटिया की आत्मा को ईश्वर अपने श्री चरणों में स्थान और परिजनों को धैर्य दें। इस मामले में शुरू से पुलिस के लापरवाही की बात सामने आ रही है, जो बहुत शर्मनाक है। अतः पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय-निष्पक्ष जांच होनी’।















