
Hathras : सादाबाद तहसील क्षेत्र की न्याय पंचायत कजरौठी के अंतर्गत आने वाले गाँव पोदा की स्थिति पिछले 30 वर्षों से अत्यंत दयनीय है। यहाँ की गलियों की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि ग्रामीणों का पैदल निकलना भी मुश्किल हो गया है। जल निकासी की कोई उचित व्यवस्था न होने के कारण घरों से निकलने वाला गंदा पानी कच्ची गलियों में भर जाता है, जिससे हर तरफ कीचड़ और गंदगी का साम्राज्य है।
ग्रामीणों ने बताया कि इस नर्कीय स्थिति के बारे में ग्राम प्रधान और स्थानीय विधायक सहित अन्य जनप्रतिनिधियों से अनगिनत बार गुहार लगाई जा चुकी है, लेकिन आज तक इस मामले में कोई सुनवाई नहीं हुई।
गाँव वालों की सबसे बड़ी पीड़ा यह है कि स्थिति इतनी भयावह है कि बारिश के मौसम में या सामान्य दिनों में भी गाँव के अंदर एंबुलेंस या अन्य चार पहिया वाहन नहीं आ पाते। ग्रामीणों का कहना है कि महिलाओं की डिलीवरी (प्रसव) के समय यह समस्या जानलेवा बन जाती है, जब मरीज को मुख्य सड़क तक खाट या अन्य साधन से ले जाना पड़ता है।
जल निकासी की सुविधा न होने से ग्रामीण, विशेषकर महिलाएँ, सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। उन्हें रोजाना अपने घर से निकलने वाले गंदे पानी को बाल्टियों में भरकर मीलों दूर खुले मैदानों में फेंकने के लिए मजबूर होना पड़ता है। इस दर्दनाक स्थिति में जीने को मजबूर ग्रामीणों में स्थानीय प्रशासन के प्रति भारी आक्रोश है।
प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की लगातार अनदेखी से तंग आकर पोदा गाँव के ग्रामीणों ने अब बड़ा और कड़ा कदम उठाने का मन बना लिया है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द से जल्द गाँव की नाली और रास्तों की व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई, तो आगामी चुनावों का पूर्ण रूप से बहिष्कार किया जाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि जब उन्हें बुनियादी सुविधाएँ नहीं मिल रही हैं, तो उन्हें वोट देने का भी कोई औचित्य नहीं लगता।
इस संबंध में विधायक प्रदीप चौधरी उर्फ गुड्डू भईया ने कहा कि गाँव की गलियों को शीघ्र पक्का कराया जाएगा और गंदे पानी की निकासी के लिए नाली निर्माण की व्यवस्था की जाएगी।
इस मौके पर ओमवीर सिंह, सोनवीर सिंह, मोहन सिंह, रामप्रकाश, उदयवीर सिंह, गुलाब सिंह, सुभाष सिंह, प्रताप सिंह, प्रवीण कुमार, सुशीला देवी, संतो देवी, मनु देवी, उर्मिला देवी सहित अन्य युवा और ग्रामीण मौजूद रहे।










