
Hathras : शिक्षा सत्र 2026-27 के प्रारंभ से पूर्व निजी स्कूलों के संचालकों द्वारा हर वर्ष पाठ्यक्रम बदलने, बेहताशा फीस वृद्धि करने तथा विभिन्न गतिविधियों के नाम पर अभिभावकों के आर्थिक शोषण के विरोध में एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक ह्यूमन राइट्स (ADHR) के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन जिलाधिकारी की उपस्थिति में कलेक्ट्रेट प्रभारी उपजिलाधिकारी को दिया गया।
प्रतिनिधिमंडल के राष्ट्रीय महासचिव ने बताया कि निजी स्कूल संचालक मनमाने ढंग से फीस बढ़ा रहे हैं। हर वर्ष पाठ्यक्रम बदलकर अभिभावकों को नई किताबें खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा है तथा चुनिंदा दुकानों को ठेका देकर आर्थिक शोषण किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा इस मनमानी पर रोक लगाने हेतु उत्तर प्रदेश स्ववित्तपोषित स्वतंत्र विद्यालय (शुल्क निर्धारण) अधिनियम, 2018 लागू किया गया है, लेकिन अधिकांश निजी स्कूल अभी भी इस अधिनियम का खुलेआम उल्लंघन कर रहे हैं।
अधिनियम के अनुसार किसी भी प्रकार की फीस वृद्धि या बदलाव के लिए जिला शुल्क नियामक समिति की अनुमति अनिवार्य है, परंतु आज तक किसी भी स्कूल द्वारा अनुमति नहीं ली गई है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि फीस निर्धारण का आधार शिक्षा सत्र 2015-16 होना चाहिए, जबकि वर्तमान शिक्षा सत्र 2025-26 में फीस में लगभग 30 से 50 प्रतिशत तक की वृद्धि की जा चुकी है, जो पूर्णतः अवैधानिक है।
प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि हर वर्ष पाठ्यक्रम बदलकर निजी प्रकाशकों से मोटा कमीशन लिया जाता है और अभिभावकों को महंगी किताबें खरीदने के लिए मजबूर किया जाता है। छोटे बच्चों के कोर्स 3,000 से 10,000 रुपये तक के होते हैं, जिनमें अत्यंत कम सामग्री होती है। साथ ही यह सवाल भी उठाया गया कि भारत सरकार की इकाई NCERT का पाठ्यक्रम अधिकांश निजी स्कूलों में क्यों नहीं पढ़ाया जाता।
अंत में प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि शिक्षा सत्र 2026-27 में पाठ्यक्रम परिवर्तन पर पूर्ण रोक लगाई जाए, सभी स्कूलों में NCERT पाठ्यक्रम अनिवार्य किया जाए, फीस निर्धारण अधिनियम 2018 के अनुरूप शिक्षा सत्र 2015-16 को आधार मानकर शुल्क तय किया जाए तथा अधिनियम का उल्लंघन करने वाले स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
जिलाधिकारी ने प्रतिनिधिमंडल को नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया। ज्ञापन देने वालों में राष्ट्रीय प्रवक्ता, जिलाध्यक्ष, जिला महासचिव, जिला कोषाध्यक्ष सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।












