
ग्वालियर : ग्वालियर के वकील मृत्युंजय सिंह चौहान की आत्महत्या मामले में गोला का मंदिर थाना पुलिस ने 22 दिन बाद बड़ी कार्रवाई की है। मुरैना पुलिस में तैनात सब-इंस्पेक्टर प्रीति जादौन और आरक्षक अराफात खान के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। दोनों पर आत्महत्या के लिए उकसाने और मानसिक प्रताड़ना का आरोप है।
जांच में वकील के सोशल मीडिया स्टेटस को अहम साक्ष्य माना गया है। 15 दिसंबर को मृत्युंजय ने अपने स्टेटस में लिखा था कि “प्रेम में मृत्यु है, लेकिन मुक्ति नहीं”, जिस पर कथित प्रेमिका प्रीति जादौन ने ‘ब्लेस’ कमेंट किया था। पुलिस इसे महत्वपूर्ण तथ्य मान रही है।
जानकारी के अनुसार, 15 दिसंबर को वकील अपनी प्रेमिका को सरप्राइज देने मुरैना स्थित उसके सरकारी क्वार्टर पहुंचे थे। वहां उन्होंने प्रीति जादौन को एक आरक्षक के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देखा, जिससे विवाद और मारपीट हुई। इसके बाद प्रीति जादौन के प्रभाव के कारण मुरैना में वकील के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। वकील ने सिविल लाइन थाना और सिटी कोतवाली में शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई।
14-15 दिसंबर की दरमियानी रात वकील ने ग्वालियर के आदर्शपुरम स्थित अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। कमरे से सिविल लाइन थाना को संबोधित एक आवेदन मिला, जिसे अनौपचारिक सुसाइड नोट माना जा रहा है। इसमें 12 दिसंबर को मुरैना पुलिस लाइन के सरकारी क्वार्टर में हुई घटना का उल्लेख था।
आवेदन में वकील ने बताया कि मारपीट के बाद उसने एसआई प्रीति जादौन के मोबाइल से मुरैना जिले के एसपी, एएसपी और सीएसपी को घटना की जानकारी दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके उलट उसके खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
एएसपी अनु बेनीवाल ने पुष्टि की कि मुरैना में तैनात एक सब-इंस्पेक्टर और एक आरक्षक के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया है और पूरे प्रकरण की जांच जारी है।















