
- -सेक्टर-44 में सरकारी जमीन पर अवैध रूप से 100 से भी अधिक झुग्गियां बनी थी
- -अवैध मादक पदार्थ बेचने/रखने/स्पलाई करने के अपराधों को दिया जाता था अंजाम
- -इन अवैध झुग्गियों से नशा बेचने के दर्ज हैं 10 से ज्यादा केस
गुरुग्राम। यहां सेक्टर-44 में सरकारी जमीन पर अवैध रूप से 100 से अधिक झुग्गियों से नशीले पदार्थ रखने, बेचने, सप्लाई करने की पुख्ता सूचना पर पुलिस ने मंगलवार को इन पर बुलडोजर चलवाया गया। पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने बताया कि इन अवैध झुग्गियों में रहने वालों पर नशीले पदार्थ बेचने के 10 से अधिक केस दर्ज हैं।
गुरुग्राम पुलिस द्वारा अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत मंगलवार को एक और बड़ी कार्रवाई की गई। पुलिस थाना सुशांत लोक क्षेत्र में कन्हई कॉलोनी से सेक्टर-44 में लगभग पांच एकड़ सरकारी भूमि पर अवैध रूप से कब्जा करके बनाई गई 100 से भी अधिक झुग्गियों को चिन्हित किया गया। इन झुग्गियों में अवैध रूप से नशीले पदार्थों की बिक्री की जा रही थी, जिससे क्षेत्र में अपराध को बढ़ावा मिल रहा था। सूचनाओं एवं एकत्रित तथ्यों के आधार पर डीटीपी अधिकारी आर.एस. बाठ, निरीक्षक अमन सिंह प्रभारी पुलिस थाना सुशांत लोक, निरीक्षक नरेन्द्र शर्मा इन्चार्ज अपराध शाखा सेक्टर-43 की टीम एवं हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के अधिकारियों के सहयोग से इन अवैध झुग्गियों को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त किया गया। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस बल पूरी तरह मुस्तैद रहा।
पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने बताया कि इन झुग्गियों में पूर्व में भी एक अपराधी किस्म का आरोपी तपस पुरूई उर्फ जगबंधु पुरूई उर्फ जगत उर्फ टुंडा पुत्र रविन्द्र नाथ पुरूई निवासी नोदिया (पश्चिम-बंगाल) रहता था। आरोपी ने यहां सरकारी भूमि पर अवैध रूप से झुग्गी बना रखी थी। वह अवैध मादक पदार्थ बेचता था। आरोपी पर मारपीट करने, जान से मारने की धमकी देने, अवैध हथियार रखने व अवैध मादक पदार्थ बेचने के 13 केस दर्ज हैं।
पुलिस प्रवक्ता ने कहा कि यह कार्रवाई अपराध से अर्जित अवैध संपत्तियों पर अंकुश लगाने, नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री पर रोक लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। गुरुग्राम पुलिस द्वारा ऐसे अपराधियों एवं उनके ठिकानों की पहचान करके विस्तृत खाका तैयार किया गया है, जो अवैध व अनैतिक गतिविधियों के माध्यम से संपत्ति अर्जित करके लगातार अपराधों को बढ़ावा दे रहे हैं। ऐसे तत्वों के विरुद्ध उनकी अवैध संपत्तियों को चिन्हित करके नियमित रूप से नियमानुसार कार्यवाही की जा रही है।















