गोंडा : इलाज या खतरा? ICU में चूहों की मौजूदगी पर सवाल, सोशल मीडिया पर मचा हंगामा

गोंडा : उत्तर प्रदेश के गोंडा मेडिकल कॉलेज का नाम एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है, लेकिन इस बार वजह किसी उपलब्धि की नहीं, बल्कि अस्पताल परिसर में फैली गंभीर अव्यवस्था है। मेडिकल कॉलेज के हड्डी (ऑर्थो) वार्ड और ICU जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में मोटे-मोटे चूहों की मौजूदगी ने मरीजों और उनके परिजनों को दहशत में डाल दिया है।

अस्पताल में भर्ती मरीजों का कहना है कि चूहे न सिर्फ वार्ड में खुलेआम घूम रहे हैं, बल्कि ऑक्सीजन पाइपलाइन, मरीजों के बेड और उनके आसपास भी दिखाई दे रहे हैं। इस पूरे मामले का वीडियो सामने आने के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं।

ICU में चूहों की मौजूदगी पर सवाल

जानकारी के मुताबिक, मेडिकल कॉलेज के ऑर्थो वार्ड और ICU में एक साथ पांच से अधिक चूहे ऑक्सीजन पाइपलाइन के पास घूमते हुए देखे गए। मरीजों का कहना है कि चूहे पाइपलाइन के आसपास ही नहीं, बल्कि उनके ऊपर और बगल से भी गुजरते रहते हैं, जिससे जान का खतरा बना रहता है। चूहों का आतंक यहीं तक सीमित नहीं है। वार्ड में भर्ती मरीजों का आरोप है कि ये चूहे उनके सामान, कपड़े और यहां तक कि जांच रिपोर्ट के पर्चे भी काट रहे हैं। कई मरीजों ने बताया कि रात के समय डर के मारे नींद तक नहीं आती, क्योंकि डर बना रहता है कि कहीं चूहे काट न लें।

https://twitter.com/Sharma39Harish/status/2011308429252714918?s=20

बेड से टेबल तक, हर जगह मची अफरातफरी

मेडिकल कॉलेज के ऑर्थो वार्ड की स्थिति और भी चिंताजनक बताई जा रही है। यहां चूहे मरीजों के बेड, टेबल और फर्श पर बेखौफ घूमते नजर आ रहे हैं। मरीजों का कहना है कि इलाज करवाने आए लोग अब इस चिंता में हैं कि वे बीमारी से ज्यादा चूहों से कैसे बचें। चूहों के आतंक का वीडियो सामने आने के बाद गोंडा मेडिकल कॉलेज की जमकर किरकिरी हो रही है। मामले के तूल पकड़ते ही मेडिकल कॉलेज प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है। प्रशासन ने वार्डों में साफ-सफाई बढ़ाने, दवा का छिड़काव करने और चूहादानी लगाने के निर्देश जारी किए हैं।

मरीजों की सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल

इस पूरे घटनाक्रम ने मेडिकल कॉलेज में मरीजों की सुरक्षा को लेकर किए जा रहे दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि अस्पताल प्रशासन को तुरंत ठोस कदम उठाने चाहिए, ताकि इलाज के दौरान किसी भी तरह की अनहोनी न हो।

खबरें और भी हैं...

अपना शहर चुनें