
गोंडा: उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री और कारागार विभाग के प्रभारी दारा सिंह चौहान ने विकसित भारत-रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) के तहत पारित वीबी-जी राम जी अधिनियम, 2025 को ग्रामीण भारत के लिए ऐतिहासिक और क्रांतिकारी कदम बताया। मंत्री दारा सिंह ने शनिवार को सर्किट हाउस सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि नए अधिनियम के तहत ग्रामीणों को अब 125 दिनों का गारंटी रोजगार मिलेगा। यदि किसी कारणवश रोजगार नहीं मिलता है, तो सरकार द्वारा बेरोजगारी भत्ता प्रदान किया जाएगा।

यह कदम ग्रामीण परिवारों की आजीविका को मजबूत आधार देने के साथ-साथ मेहनतकश समाज के लिए बड़ा बदलाव साबित होगा।

उन्होंने बताया कि पहले ग्रामीणों को 100 दिनों का रोजगार सुनिश्चित किया गया था, जबकि नए अधिनियम के साथ यह अवधि बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है। इसके अलावा, नए कानून में बेरोजगारी भत्ता को कानूनी अधिकार के रूप में स्थापित किया गया है, जिससे ग्रामीणों को किसी भी स्थिति में उनका हक़ मिलेगा।

दारा सिंह ने कहा कि अब ग्राम सभा यह तय करेगी कि किन-किन कामों पर रोजगार मिलेगा, जिससे गांवों का समग्र और तेज़ विकास संभव होगा। मंत्री ने कहा कि यह अधिनियम ग्रामीण रोजगार, आजीविका और स्थानीय विकास के क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित होगा।










