
पूर्वोत्तर रेलवे के सीएफटीएम (CFTM) श्री कृष्ण शुक्ल (IRTS–2007 बैच) को उनके उत्कृष्ट, नवाचारी और जनहितकारी कार्यों के लिए ‘अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार–2025’ के लिए चयनित किया गया है। मूल रूप से जनपद बस्ती के ग्राम सेवरा (लाला छावनी) निवासी श्री शुक्ल की यह उपलब्धि क्षेत्र सहित पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है।
श्री शुक्ल की प्रारंभिक शिक्षा गाँव के प्राथमिक विद्यालय से हुई। हाईस्कूल उन्होंने अशोक इंटर कॉलेज, छावनी से तथा इंटरमीडिएट पीपीआईसी वलीपुर, सुलतानपुर (ननिहाल) से उत्तीर्ण किया। इसके बाद लखनऊ विश्वविद्यालय से बीएससी व एमएससी (केमिस्ट्री) प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की। बीएससी में मैथ्स ग्रुप के टॉपर रहे और एमएससी में तीन गोल्ड मेडल हासिल कर विश्वविद्यालय का नाम रोशन किया।
शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ उन्होंने तीन बार CSIR-JRF उत्तीर्ण कर नया कीर्तिमान बनाया। उन्हें श्यामा प्रसाद मुखर्जी फेलोशिप के अंतर्गत एनसीएल पुणे से बुलावा मिला, लेकिन उसी समय यूपीएससी में चयन होने पर उन्होंने IRTS जॉइन कर राष्ट्र सेवा का मार्ग चुना।
रेलवे सेवा में श्री शुक्ल ने मंडल यातायात प्रबंधक टुंडला, SrDSO आगरा, SrDOM झांसी एवं SrDOM प्रयागराज जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए उल्लेखनीय कार्य किए। उन्होंने हाई स्पीड रेल की ट्रेनिंग चीन, लीडर्स इन अर्बन ट्रांसपोर्ट (LUTP) की ट्रेनिंग सिंगापुर व कोरिया से प्राप्त की है। इसके अलावा IIM बैंगलोर से मैनेजमेंट में मास्टर्स कर वे प्रशासनिक दक्षता का भी उदाहरण हैं। खेलों में भी उनकी समान रुचि रही है। वे अच्छे तैराक, धावक और बैडमिंटन खिलाड़ी हैं। एनसीआर में दो बार मिनी मैराथन में गोल्ड तथा बैडमिंटन डबल्स में गोल्ड मेडल जीत चुके हैं।
उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें GM अवार्ड–2013, विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार–2024 से सम्मानित किया जा चुका है। महाकुंभ–2025 के दौरान उनके अद्वितीय योगदान की स्वयं रेल मंत्री द्वारा सराहना की गई। अब अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार–2025 के लिए चयन उनके समर्पण, नेतृत्व और कर्मठता का प्रमाण है।
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