इंदिरा गांधी से नई पीढ़ी तक: प्यार जिसने गांधी–नेहरू परिवार की बदली सोच..जानें सभी की लव स्टोरी

Gandhi Family Marriage: राजनीति, सत्ता और संघर्ष की दुनिया में गांधी-नेहरू परिवार की एक खास पहचान रही है- अपने रिश्तों में पसंद को महत्व देना। अब जब प्रियंका गांधी वाड्रा के बेटे रेहान वाड्रा की अवीवा बेग के साथ सगाई की खबर सामने आई है, तो एक बार फिर इस परिवार की प्रेम और विवाह की परंपराओं पर लोगों की नजरें टिकी हैं। सवाल उठता है कि इस परिवार की किन-किन पीढ़ियों ने पारंपरिक दबावों को नजरअंदाज कर अपने प्यार को चुना और अपनी पसंद से शादी की।

रेहान वाड्रा की सगाई का अंदाज़


कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा और रॉबर्ट वाड्रा के बेटे रेहान वाड्रा की सगाई राजस्थान के रणथंभौर में होने जा रही है। यह एक निजी पारिवारिक कार्यक्रम होगा, लेकिन राजनीतिक और सामाजिक हलकों में इसकी चर्चा तेजी से हो रही है। रेहान ने अपनी बचपन की मित्र अवीवा बेग को हाल ही में प्रपोज किया था। अवीवा के पिता इमरान बेग व्यवसायी हैं और उनकी मां नंदिता बेग इंटीरियर डिजाइनर हैं। दोनों परिवारों के बीच पुराने और अच्छे संबंध रहे हैं।

इंदिरा गांधी से शुरू हुआ प्रेम विवाह का सिलसिला


गांधी-नेहरू परिवार में प्रेम विवाह की परंपरा की शुरुआत इंदिरा गांधी से हुई मानी जाती है। उन्होंने फिरोज गांधी से शादी की थी, उस समय जब परिवार में इस रिश्ते को लेकर मतभेद थे। 1942 में इलाहाबाद के आनंद भवन में यह विवाह हुआ और इसे साहसिक कदम माना गया। सामाजिक और राजनीतिक दबाव के बावजूद इंदिरा गांधी ने अपने फैसले पर कायम रहकर परिवार में एक नई मिसाल कायम की।

राजीव गांधी और सोनिया गांधी की मुलाकात


इंदिरा गांधी के बड़े बेटे राजीव गांधी ने भी जीवनसाथी चुनते समय अपने दिल की सुनी। पढ़ाई के दौरान कैंब्रिज में उनकी मुलाकात सोनिया से हुई। दोनों के रिश्ते को लेकर शुरू में काफी विचार-विमर्श हुआ, लेकिन 1968 में राजीव और सोनिया गांधी ने शादी कर ली। यह विवाह न सिर्फ दो व्यक्तियों का मिलन था, बल्कि भारतीय राजनीति में अंतरराष्ट्रीय जुड़ाव का प्रतीक भी बना।

संजय गांधी और मेनका गांधी की सादगी भरी शादी


राजीव गांधी के छोटे भाई संजय गांधी ने भी प्रेम विवाह का विकल्प चुना। उन्होंने मेनका आनंद से शादी की, जो बाद में मेनका गांधी के नाम से जानी गईं। 1974 में हुई यह शादी सादगीपूर्ण थी, लेकिन उस समय यह खबर सुर्खियों में रही। यह विवाह गांधी परिवार में निजी फैसलों के खुलकर अपनाए जाने का प्रतीक बन गया।

प्रियंका गांधी और रॉबर्ट वाड्रा का रिश्ता


अगली पीढ़ी में प्रियंका गांधी ने भी प्रेम को प्राथमिकता दी। उनकी मुलाकात रॉबर्ट वाड्रा से 1991 में हुई और कुछ वर्षों की दोस्ती के बाद 1997 में दोनों ने शादी कर ली। प्रियंका गांधी ने अपनी शादी में वही गुलाबी साड़ी पहनी, जो इंदिरा गांधी ने अपनी शादी में पहनी थी। यह परंपरा परिवार की भावनात्मक विरासत और पीढ़ियों के बीच जुड़ाव का प्रतीक बन गई।

गांधी-नेहरू परिवार में अंतरधार्मिक विवाह को केवल निजी मामला नहीं, बल्कि सार्वजनिक विमर्श का हिस्सा माना जाता रहा है। यह आधुनिक भारत में धर्मनिरपेक्षता और स्वतंत्र सोच का प्रतीक भी है। इंदिरा गांधी से लेकर रेहान वाड्रा तक, परिवार ने अपने रिश्तों में प्यार और पसंद को प्राथमिकता दी, जिसने राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से भी संदेश दिया।

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