
- संतलाल हाता के नागरिकों ने किया इंकलाब
- मेयर पुत्र बंटी पाण्डेय पर अभद्रता का आरोप
- अमित पाण्डेय ने आरोपों को निराधार बताया
कानपुर। शहर की सरकार में बगावत की आंच अब सत्ताधीशों को महसूस हुई है। मोतीझील में सरस मेले के उद्घाटन समारोह में जिले के प्रभारी मंत्री एवं प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय के सामने बागी पार्षदों के खेमे ने नाराज नागरिकों के जरिए शक्ति-प्रदर्शन किया। वार्ड -37 के संतलाल हाता के तमाम लोग महापौर प्रमिला पाण्डेय और उनके बेटे बंटी के खिलाफ गुस्सा जाहिर करते हुए पोस्टर-बैनर लेकर प्रदर्शन करने पहुंच गए थे। आरोप है कि, हाते की उपेक्षा इसलिए है, ताकि लोग इलाका छोड़कर भागे और बंटी पाण्डेय यहां कब्जा करने में कामयाब हो जाएं। इसी दौरान बागी पार्षदों ने 15वें वित्त आयोग से विकास में भेदभाव का पुलिंदा खोलते हुए न्याय मांगा। समारोह समाप्त होते-होते पार्षद पवन गुप्ता और हरि स्वरूप तिवारी उर्फ निक्कू ने बंटी पाण्डेय पर अभद्रता और गाली-गलौच करने का आरोप चस्पा कर दिया। शिकायत जिलाध्यक्ष तक पहुंच गई है। तय हुआ है कि, 06 जनवरी यानी मंगलवार को प्रभारीमंत्री दोबारा कानपुर आएंगे और मेयर के साथ सांसद-विधायकों की मौजूदगी में देर रात दोनों पक्षों के साथ-साथ जिला कमेटी के सहयोग से विवाद को खत्म करेंगे।
बस्ती उजाड़कर मॉल बनाने की साजिश
सरस मेला में प्रभारी मंत्री के सामने नारेबाजी के बाद संतलाल हाता के इंकलाबी नागरिकों ने आरोप लगाया कि, उन्हें हाता से उजाड़ने की साजिश है, क्योंकि महापौर का बेटा अमित उर्प बंटी पाण्डेय हाता को खरीदकर बड़ा मॉल बनाना चाहता है। आरोपों की फेहरिस्त में कहा गया कि, बस्ती खाली नहीं करने वालों को बंटी के गुर्गे आए दिन धमकाते हैं। बहरहाल, प्रभारी मंत्री के कार्यक्रम में अचानक बड़ी संख्या में आंदोलनकारियों के पहुंचने से अफरा-तफरी की स्थिति बन गई थी। हालात को संभालने के लिए पुलिस-प्रशासन ने मोर्चा संभाला और प्रदर्शनकारियों के सिर्फ चार प्रतिनिधियों को प्रभारी मंत्री से मिलकर समस्या रखने के लिए आगे बुलाया। समस्या सुनने और ज्ञापन पढ़ने के बाद प्रभारी मंत्री ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। अलबत्ता इस अप्रत्याशित घटनाक्रम से नगर निगम की रार अब खुलकर प्रदेश नेतृत्व के सामने पहुंच गई है।
कांख में दबोचने और अपशब्द का आरोप
कार्यक्रम के बाद पार्षद पवन गुप्ता और हरि स्वरूप तिवारी (निक्कू) ने आरोप लगाया कि, बंटी पाण्डेय ने दबंगई दिखाते हुए निक्कू पाण्डेय को कांख में दबोच लिया। पवन गुप्ता ने बीच-बचाव किया तो पीछे से उनकी जैकेट खींचकर अपशब्द सुनाए। आरोप गूंजने पर जिलाध्यक्ष अनिल पाण्डेय ने लिखित शिकायत मांगी तो पार्षदों ने जिलाध्यक्ष को घटनाक्रम से अवगत कराया है। आरोपों के जवाब में बंटी पाण्डेय का कहना है कि, ऐसा कुछ नहीं हुआ था। निक्कू पाण्डेय से सामान्य हंसी-ठिठोली का गलत रूप देने की हरकत हुई है। जांच में सच-झूठ का फैसला होगा। इस मामले में जिलाध्यक्ष अनिल दीक्षित कहते हैं कि, दोनों पक्षों के बीच कुछ मामलों को लेकर मतभेद है, जिसे जल्द सुलझा लिया जाएगा।
दो दिन बाद सुलह की कोशिश होगी
बहरहाल, रविवार को कानपुर के भाजपाइयों की रार को प्रत्यक्ष देखने के बाद प्रभारी मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने तय किय है कि, मंगलवार को सांसद रमेश अवस्थी के पुत्र के विवाह की रिसेप्शन पार्टी में शामिल होने के बाद कानपुर में रात्रि-प्रवास करेंगे। इसी दौरान सांसद-मेयर के बीच गलहफहमी को दूर करने की कवायद होगी। इसके बाद नगर निगम में बागी पार्षदों की शिकायत सुनकर सुलह-समझौते का रास्ता निकाला जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, 15वें वित्त आयोग के बजट के बंटवारे के लिए पारदर्शी नीति बनाने की चर्चा है। इसके अतिरिक्त विकास के अन्य मदों को सभी वार्डों में समान रूप से बांटने की योजना बनाई जाएगी।










