और गहरी होगी दोस्ती : टैरिफ टेंशन के बीच दिसंबर में भारत दौरे पर आएंगे पुतिन, क्रेमलिन ने की पुष्टि

नई दिल्ली/मॉस्को: भारत और रूस के बीच रणनीतिक रिश्तों को एक और मजबूत कड़ी मिलने जा रही है. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दिसंबर 2025 में भारत की यात्रा पर आएंगे. इस बात की पुष्टि खुद क्रेमलिन के विदेश नीति सलाहकार यूरी उशाकोव ने कर दी है. इस दौरे के दौरान सालाना द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन आयोजित किया जाएगा, जो भारत-रूस संबंधों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकता है.

एससीओ शिखर सम्मेलन में होगी बातचीत

पुतिन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आमने-सामने की पहली बैठक इस साल चीन के तियानजिन में 31 अगस्त से 1 सितंबर तक होने वाले एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान होगी. यूरी उशाकोव ने बताया कि 1 सितंबर को ‘एससीओ प्लस’ बैठक के तुरंत बाद दोनों नेता एक दूसरे से मिलेंगे. इस बातचीत के दौरान दिसंबर में प्रस्तावित भारत यात्रा की तैयारी और मुख्य एजेंडा तय किया जाएगा.

भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी की 15वीं वर्षगांठ

क्रेमलिन के अनुसार, भारत और रूस के बीच जो रणनीतिक साझेदारी दिसंबर 2010 में घोषित की गई थी, इस साल उसकी 15वीं वर्षगांठ है. इसी ऐतिहासिक संदर्भ में यह दौरा और अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है. रूसी अधिकारियों ने साफ किया है कि मोदी और पुतिन के बीच लगातार संवाद बना हुआ है, चाहे वो फोन कॉल के माध्यम से हो या राजनयिक स्तर पर.

ट्रंप टैरिफ बाद फोन पर हुई थी बात

गौरतलब है कि हाल ही में अमेरिका ने भारत पर रूस से तेल आयात को लेकर 50% टैरिफ लगाया था. इस मुद्दे पर राष्ट्रपति पुतिन ने प्रधानमंत्री मोदी को फोन किया था, जिसके दौरान दोनों नेताओं ने विस्तृत चर्चा की थी. उसी बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने पुतिन को भारत आने का निमंत्रण दिया था.

डोभाल ने मॉस्को में दिया था औपचारिक निमंत्रण

इससे पहले राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने भी इसी महीने मॉस्को की यात्रा के दौरान पुतिन को प्रधानमंत्री की ओर से औपचारिक निमंत्रण सौंपा था. पुतिन ने इस निमंत्रण को स्वीकार कर लिया है, और अब क्रेमलिन ने इसकी औपचारिक पुष्टि भी कर दी है.

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