
America Action On Venezuela : अमेरिकी सेना द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को गिरफ्तार करने की खबर ने विश्व स्तर पर एक सनसनी फैला दी है। इस कार्रवाई के बाद रूस और चीन ने इसे कड़ी निंदा के साथ अपने देशों के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है, जबकि अर्जेंटीना, इक्वाडोर और एलन मस्क ने इस कदम का समर्थन किया है।
यह घटना पूरे विश्व में चर्चा का विषय बन गई है। अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को काराकास से गिरफ्तार कर उन्हें न्यूयॉर्क ले जाया है। इस कार्रवाई से दुनियाभर के नेताओं और देशों की प्रतिक्रियाएँ सामने आ रही हैं। रूस और चीन ने इस कदम की निंदा करते हुए कहा है कि यह पूरी तरह गैरकानूनी है और दोनों देशों के बीच विवादों का समाधान बातचीत के जरिए निकाला जाना चाहिए।
रूस के विदेश मंत्रालय ने मादुरो और उनकी पत्नी को तुरंत रिहा करने का आह्वान किया है और कहा है कि अमेरिका को अपने फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए। वहीं, चीन ने इसे तानाशाही करार देते हुए कहा है कि अमेरिका ने अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र के चार्टर का उल्लंघन किया है।
वहीं, कुछ देशों ने इस कदम का समर्थन भी किया है। अर्जेंटीना और इक्वाडोर सहित कई नेताओं ने ट्रंप की इस कार्रवाई का समर्थन किया है। अर्जेंटीना के राष्ट्रपति ज्वियर मिलेई ने कहा, “आजादी जिंदाबाद,” जबकि इक्वाडोर के राष्ट्रपति डेनियल नोबोआ ने कहा, “नार्कोचाविस्टा अपराधियों का शासन खत्म होने वाला है।”
इसके अतिरिक्त, एलन मस्क ने भी इस मामले पर ट्विटर के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने लिखा, “बधाई हो, राष्ट्रपति ट्रंप। यह पूरी दुनिया की जीत है, खासकर तानाशाहों को यह एक साफ संदेश है।”
इसी बीच, इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी ने भी इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा, “वेनेजुएला में जो कुछ भी हो रहा है, उसपर मैंने बारीकी से नजर रखी है। इटली ने कभी भी मादुरो की चुनावी जीत को मान्यता नहीं दी थी और हमने उसके बुरे कार्यों की हमेशा निंदा की है। लेकिन, मेरा मानना है कि इसे खत्म करने के लिए सैन्य कार्रवाई सही रास्ता नहीं है। यदि देश की सुरक्षा की बात हो, तो हाइब्रिड हमलों को वैध माना जा सकता है। वेनेजुएला ड्रग्स तस्करी को बढ़ावा दे रहा था, इसलिए देश की सुरक्षा सर्वोपरि है।”
यह घटनाक्रम विश्व राजनीति में भारी हलचल मचा रहा है, और वर्तमान में पूरा विश्व इस विवाद को लेकर अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दे रहा है। अमेरिका की इस कार्रवाई ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अस्थिरता पैदा कर दी है, और सभी पक्ष अपने-अपने तर्क प्रस्तुत कर रहे हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, विश्व समुदाय इस मामले में शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में प्रयास कर रहा है।















