फर्रुखाबाद में कोहरे और शीत लहर से सरसों की फसल बर्बाद, लगा माहू रोग

  • प्रकृति ने किसानों की उम्मीद पर फेरा पानी

फर्रुखाबाद। उत्तर प्रदेश में पड़ रहे कोहरे और शीत लहर की वजह से जनपद फर्रुखाबाद में सरसों की फसल में माहू रोग लग गया है। जिससे किसानों के माथे पर चिंता की रेखाएं उभर आई है। सर्वाधिक सरसों की खेती करने वाले किसान रविंद्र सिंह बताते हैं कि आलू पर छाई मंदी की वजह से किसान वैसे भी खून के आंसू बहा रहा था। लेकिन प्रकृति की दोहरी मार से अब अन्नदाता के पास कटोरा थामने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। सरसों की फसल पूरी तरह से नष्ट हो रही है। किसान अपनी फसल को लेकर परेशान नजर आ रहा है।

इस संबंध में कृषि वैज्ञानिक डॉक्टर जगदीश किशोर का कहना है कि माहू रोग खतरनाक रोग होता है। यह सरसों को पूरी तरह से खत्म कर देता है। जिससे पैदावार न के बराबर रह जाती है। यह रोग खेतों में नमी दौड़ जाने की वजह से अथवा आसमान में बादल छाए रहने या अधिक दिन तक कोहरा पड़ने की वजह से होता है। उनका कहना है कि पिछले 15 दिन से पड़ रहे कोहरे ने किसानों की सरसों की फसल को नष्ट कर दिया है ।

इसके असर से अन्य फसलों में भी पर परा रोग लग गया है। प्रगतिशील किसान नारद सिंह कश्यप का कहना है कि सरसों की फसल को आसमान में छाए बादल और कोहरे की वजह से भारी क्षति हुई है। जिससे किसानों के सामने आने वाले समय में रोजी-रोटी का संकट पैदा हो सकता है। जिला कृषि अधिकारी बीके सिंह का कहना है कि इस सीजन में तकरीबन एक हजार हेक्टेयर भूमि पर सरसों की फसल बोई गई थी , लेकिन प्रकृति के कोप की वजह से सरसों की फसल में माहू रोग लग गया है। जिससे फसल कम होने की संभावना है।

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