फतेहपुर : आधे पेट मिल रहा चारा, कंकाल में तब्दील हो रहे गौवंश !

दैनिक भास्कर ब्यूरो

फतेहपुर । अमौली गौशालाओ में बेजुबानो के ढांचे को देखकर यह स्पष्ट पर है कि उन्हें सिर्फ जीवित रखने भर का चारा भूसा मिल पाता है। अधिकतर गौवंश हड्डियों के ढांचे में तब्दील हैं जो बारी से अपनी मौत का इंतजार कर रहे हैं ! अमौली विकास खण्ड की बुढ़वा ग्राम सभा में बनी गौशाला में स्थिति बदतर है। यहाँ आधे पेट चारे से गौवंशों की हालत दिनों दिन खराब होती जा रही है जिनकी उचित तरीके से देखभाल न होने के कारण गोवंश कुपोषित होकर कंकाल में तब्दील होते जा रहे हैं। इनमें से कुछ तो इतने कमजोर हो गए हैं कि अपनी जगह से उठ भी नही पा रहे हैं।

गौशालाओ की व्यवस्था में जिम्मेदार बरत रहे लापरवाही

कंकाल में तब्दील गौवंशो की मृत्यु भी असमय हो रही है गौशाला में कार्यरत कर्मचारी सही तरीके से गौवंशों की देखभाल न करके सिर्फ खाना पूर्ति कर रहे हैं। वहीं गौवंशो की हालत कागजो में बेहतर दिखाई जाती है। बताते तो यह भी हैं कि गौशाला में अधिक गौवंशों को दिखाकर बजट में भी खेल किया जाता है। यही हाल अगर गौशाला में रहा तो जो शेष बचे गौवंश हैं वह भी असमय काल के गाल में समा जायेंगे।

क्या बोले जिम्मेदार

बुढ़वा ग्राम प्रधान ने बताया कि सरकार से 30 रूपये प्रति गोवंश दिया जाता है। इससे ज्यादा अपनी जेब से खर्च नही कर सकते हैं। बजट के अनुसार ही उन्हें खिलाया पिलाया जाता है। इस बावत खण्ड विकास अधिकारी विपुल विक्रम सिंह ने कहा कि गौशाला में उपस्थित गौवंशों को हरे चारे की समुचित व्यवस्था कराते है। बीमार गौवंशो को डॉक्टर से दिखाकर इलाज भी कराया जाता है फिर भी जांच की जाएगी अगर कमी मिली तो सुधार करवाया जाएगा।

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